क्या ध्यान करने के लिए शाकाहारी बनना ज़रूरी

एक प्रश्न है की क्या शराब ना पीना और ब्रह्मचर्य जैसे गुणों को अपनाना चाहिए ? क्या ध्यान करने के लिए शाकाहारी बनना ज़रूरी है ? आज की इस पोस्ट के माध्यम से इस बात पर विचार करेंगे की क्या शराब को ब्रह्मचर्य से जोड़कर के देखा जाना चाहिए या यु कहे की ध्यान को लगाने के य भोजन में शाकाहारी होना जरुरी है ? इन सभी बोटो को हम इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिस करेंगे :-

शाकाहारी बनना ज़रूरी

क्या ध्यान करने के लिए शाकाहारी बनना ज़रूरी है मैं हमेशा सही कहता रहा हूं
खाना खाने में नैतिकता कहां से आ गई ।  भोजन शरीर के लिए है ।  हमें वही खाना चाहिए जो शरीर के लिए ठीक हो ।  लेकिन अभी आप भोजन को एक आदत बनाने के बाद कर रहे हैं  . मैं आपको बताना चाहता हूं कि अच्छी आदत और बुरी आदत जैसी कोई चीज नहीं होती आदत का मतलब है कि आप अचेतन तरीके से काम कर रहे हैं  . अगर आप अनजाने में इसे कर रहे है तो यह बुरी बात है ।

क्योंकि इंसान होने का मतलब यह है कि हम चीजों को जागरूकता के साथ कर सकते हैं . असली इंसान होने की सुंदरता यही है कि हम हर चीज जागरूकता के साथ कर सकते हैं . बिना सूची समझे खा सकते हैं या हम जागरूकता के साथ खा सकते हैं ,जाने में सांस ले सकते हैं या हम जागरूकता के साथ-साथ

हर चीज जो हम कर सकते हैं हम उसे जागरूक होकर कर सकते हैं।  जिस पल हम जागरूकता के साथ कुछ करते हैं अचानक वो इंसान बहुत सब्र और शानदार लगता है सिर्फ इसलिए कि कोई इंसान जागरूकता के साथ चलता और बोलता है . क्या वह खूबसूरत इंसान नहीं बन जाता बस इतना ही ।

तो हम आदतें बनाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं ? जैसे कि कोई अच्छी चीज है आदत का मतलब है तय चीज है । जंहा  कुछ सोचना नहीं पड़ता ।  आप सुबह उठी और यह आपके साथ हो जाता है . अपने जीवन को ऑटोमेटिक बनाने की कोशिश मत कीजिये . यह एफिशन्सी नहीं है . यह मशीन जैसे एफिशन्सी है इससे उम्मीद की जाती है कि यह बुद्धिमानी से और जागरूकता के साथ काम करें . कोई भी इससे मशीन की तरह काम करने की उम्मीद नहीं कर रहा तो जहां तक भोजन की बात है

भोजन शरीर के लिए उपयुक्त होना चाहिए यह शरीर के लिए है . शरीर का निर्माण खाए हुए थाने से ही होता है .

उचित भोजन क्या होता है ?

वह बात अब दुर्भाग्य से बहुत ही ज्यादा बेतरतीब हो गए हैं . समझदारी से खाना हमारे इस देश में हमारी एक परम्परा रही है लेकिन इन हजार सालों में हुए हमलों से दूसरी तरह के food कल्चर भी आ गए हैं और आज पिज्जा या पास्ता राष्ट्रीय भोजन बन गए हैं . मुझे पता नहीं कि इनमें से कौन सा है दोनों में होड़ लगी थी

भोजन के बारे में अपनी समर्थ खो रहे हैं  . निश्चित रूप से समय आ गया है कि हम इस पर गौर करें कि सबसे उपयुक्त चीज क्या है . अगर मैं उसके विस्तार में जाता हूं तो यह बहुत लंबी प्रक्रिया हो जाएगी .

आपको भोजन के साथ प्रयोग करना चाहिए बल्कि शरीर से भी ।  आप आज कुछ खाइये और ध्यान देना सीखिए ।  इस भोजन को खाने के बाद आपका शरीर कितना फुर्तीला और सक्रिय महसूस करता है . अगर ऐसा लगता है कि वह कब्र में जाना चाहता है तो वह खाना आपके लिए अच्छा नहीं है .

अगर इससे खाने के बाद में लगता है कि इसे खाने के बाद वह जिंदा रहना चाहता है कॉफी को छोड़कर अगर आप खाना खाते हैं और आपका शरीर बहुत फुर्तीला और जीवन प्रस्तुत करता है तो उसका मतलब है कि अच्छा खाना है और उस खाना को खा सकते है हमेशा की तरह ।

अगर आप कोई चीज खाते हैं और शरीर सुस्त महसूस करता है तो इसका मतलब है कि यह सब पसंद नहीं है आपके सरीर को तभी तो आपको उसके परिणाम दिखाई दे रहे है .

इस तरीके से आप अपने शरीर के लिए अच्छे भोजन और बुरे भोजन को खाने और शरीर में उनके प्रवाह के आधार पर उसे चुन सकते है । जो आपके लिए फायदेमंद होगा अच्छा भोजन होगा , जो आपके शरीर के लिए नुकसान दायक होगा वह आपके सरीर के लिए ख़राब भोजन होगा ।


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