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सामाजिक ज्ञानवर्धक कहानी (Samajik Gyanvardhak kahaniya)

Top Best 1+ सामाजिक ज्ञानवर्धक कहानी

हीलो दोस्तों स्वागत है आप सभी लोगो का हमारे इस ब्लॉग पोस्ट में दोस्तों जैसे की आप सभी लोगो को पता है की जब भी हमारे तबियत ख़राब हो जाता है तो हमें डॉक्टर , वैद , हाकिम के पास में जाना पड़ता है ठीक उसी तरीके से जब भी हम डिमोटिवेट हो जाते है तब हमें मोटिवेशन के लिए , और खुद को स्ट्रेस से दूर करने के लिए motivation story की जरुरत पड़ती है

इसलिए दोस्तों हम आपको अंदर से motivation पैदा करने के लिए , स्ट्रेस से मुक्त करने के लिए आपके लिए फिर से लेकर के आये हुए है सामाजिक ज्ञानवर्धक कहानियां (Samajik Gyanvardhak kahaniya) लेकर के आ गये हैjo आपको अंदर से मजबूत बना देगी और आपको हमेशा के लिए मोटीवेट कर देगी तो चलिए दोस्तों जिंदगी में बड़ा करने के लिए  सामाजिक ज्ञानवर्धक कहानियां (Samajik Gyanvardhak kahaniya) को पढ़ते है :-

सामाजिक ज्ञानवर्धक कहानी (Samajik Gyanvardhak kahaniya)

सामाजिक ज्ञानवर्धक कहानी (Samajik Gyanvardhak kahaniya)
सामाजिक ज्ञानवर्धक कहानी (Samajik Gyanvardhak kahaniya)

 

रिश्ते कभी भी कुदरती मौत नहीं मरते रिश्तो को हमेशा इंसान मारता है . कभी गलती से , कभी गलतफहमी से कभी नफरत से और कभी गुस्से से । 

एक बार एक महिला एक सन्यासी के पास में पहुंची . उन सन्यासी के बारे में कहा जाता था कि वह जड़ी-बूटी देते थे उससे बड़ी से बड़ी समस्या का इलाज हो जाता था। 

वह महिला पहुंची उसने जाकर के गुरुदेव के सामने अपना दुख बताया – बताया कि मेरे पति जो है युद्ध में जब गए तो उससे पहले मुझसे बहुत प्यार करते थे लेकिन जब से वापस आए हैं . तब से मुझसे बात भी नहीं करते ठीक से बात नहीं करते प्यार तो बहुत दूर की बात है .

तो गुरुदेव ने कहा बात तो सही कह रही है वह इंसान को ऐसे ही बना देता है । 

उस महिला ने कहा – कि गुरुदेव क्या करना चाहिए ?

गुरुदेव ने कहा कि बात बहुत मुश्किल है जिस मुझे जरूरत है मुझे जड़ी बूटी बनाने के लिए उसे तुम ला नहीं पाओगे ।

उस महिला ने कहा – बताइये तो सही कि मैं अपने पति को पहले जैसे वापस पाने के लिए कुछ भी कर सकती हूं !

 गुरुदेव ने कहा – कि जड़ी-बूटी के लिए शेर के एक बाल चाहिए !

तो महिला चौक पर बोली के तो बड़ा मुश्किल है . 

गुरुदेव ने कहा – मै तो कह ही रह था ?

वह महिला जंगल में पहुंची शेर की दहाड़ को सुनकर वह इतना डर गई की वापस चली आई उसे लगा की बड़ी मुश्क्लि है हो नहीं पायेगी ।

अब वह रोज जंगल जाना शुरू कर दिया । डरते सहमते धीरे धीरे शेर के पास में जाने लगी । और शेर को भी धीरे धीरे अहसास हो गया की कोई तो है जंगल में जो उनका पीछा कर रहा है ।

और धीरे धीरे ये महिला उस शेर के लिए मांस ले जाने लगी । शेर आराम के साथ में मांस खाने लगा । और धीरे धीरे इन दोनों की दोस्ती हो गई । और वो दिन भी आ गे जब वह महिला शेर के बाल लेकर के फटाफट से गुरुदेव के पास्समे पहुंची आश्रम में ।

और बताया कि महाराज आप जो चाहते थे वह लेकर के आगे वह बस अब फटाफट से उस जड़ी-बूटी को मुझे दे दो ताकि मेरे पति ठीक हो जाये ।

वंहा पर जंहा पर बैठे हुए थे वंहा पर चूल्हा जल रहा था ।  तो उन्होंने आग में शेर का बाल डाल दिया .

अब यह महिला गुस्सा करने लगी क्या आप ने क्या कर दिया तो बड़ी मुश्किल से लेकर क्या था ? आप ही तो कह रहे थे ।

गुरुदेव ने कहा की –  जिस तरीके से तुमने एक शेर को ऐसे जानवर को जो सबसे ज्यादा गुस्सा करता है उसे अपना बना लिया । उसका बाल तुम लेकर आ गई . कितना मुश्किल काम तो मुझसे दोस्ती करके प्यार ही बस तुम्हें जो अपने पति से तुम्हे करना है जो तुम अपनी पति को वापस पा लोगी । 

जब भी आपको जिंदगी में गुस्सा आये , आप पर कोई गुस्सा करे बस आप उसे प्यार से ही जित सकते है । को सारे लोग कहते है की हमने किसी से प्यार किया लेकिन उसने हमसे प्यार नहीं किया धोखा दे दिया । आपने तो प्यार किया लेकि शायद उसने आपसे प्यार नहीं किया , प्यार उन्ही से करो जो आपसे प्यार करता हो ।


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