Chanchal Man Ko Kaise Shant Kare- 2 solution

आपका मन भी कहीं नहीं जाता है यही है पर किसी चीज के बारे में सोच रहा है . आपका मन कंही नहीं जाता यही है और किसी दूसरी चीज के बारे में सोच रहे हैं पर फिर भी यही है ना . मैं तो आपका शरीर कहीं जाता है नहीं आपका मन कहीं जाता है और ना ही आप कहीं जाते . वह हमेशा मिलकर एक संपूर्ण इकाई बनाते हैं ,

अगर आप कोई चीज करना चाहते हैं तो आपको कुछ ऐसा करना होगा जो उन सभी के लिए काम करें ,  आप ही ने अलग अलग नहीं संभाल सकता इसे अलग से उसे अलग से हमेशा एक साथ होते हैं .

क्या अपने से खो दिया है बात बस इतनी है कि आप अपने मन की कल्पना अपने से धोखा खा रहे हैं . मन यही यहीं बैठा है और कुछ कल्पना कर रहा है कहीं नहीं जा रहा है लेकिन आपकी पहचान इतनी गहरी है और आप इतने खोए हुए हैं

मन क्यों भटकता है ?

आप सोचते हैं कि मन कहीं जा रहा है मन कहीं सफर नहीं करता यह बिल्कुल यहीं पर है . आपको यह समझने की जरूरत है आपके मन में बेकाबू और अनंत ही विचार इसलिए चल रहे हैं क्योंकि आपने उन चीजों के रूप में अपनी पहचान बना रखी है जो आप नहीं है।  जिस पल आंखों की पहचान किसी ऐसी चीज के रूप में बना लेते हैं जो आप नहीं है तब मन बिना रुके चलने लगता है .

chanchal man ko kaise shant kare उपाय

chanchal man ko kaise shant kare  उपायआपने अपनी पहचान कई चीजों से जुड़ी हुई है और आप अपने मन को रोकने की कोशिश कर रहे हैं . मैं आपको बता रहा हूं अगर आप लाखों साल तक कोशिश कर ले तू भी ऐसा नहीं होने वाला . यह नहीं हो सकता . chanchal man ko kaise shant kare उपाय अगर आप अपनी गलत पहचानो को मिटा देते हैं तब आप इसी पल देखेंगे कि आपका मन एक दर्पण की तरह होगा  . यह कुछ नहीं कहेगा बस हर चीज को परावर्तित करेगा ।

ऐसे ही होना चाहिए आपका मन एक ऐसा साधन है . जो तभी सबसे अच्छा काम करता है जब इसमें स्पष्टता हो . हर तरह की काल्पनिक चीजों के बारे में सोचने के लिए नहीं है .  मन आपको जीवन में स्पष्टता और गहराई देने के लिए है  लेकिन अभी आपका मन बस उलझन का एक भारी पुलिंदा है . सिर्फ इसलिए क्योंकि आपने कई ऐसी चीजों के रूप में अपनी पहचान बना ली है . जब बात नहीं है और अब आप इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं इसे रोक कर रखने का कोई तरीका नहीं है . उदहारण के लिए आप बहुत बुरा खाना खाया पर अब आपके पेट में गैस बन गई आप उसे रोक नहीं सकते । ठीक उसी प्रकार से

आपने गलती की थी कई चीजों के साथ अपनी पहचान जोड़ ले अब यह लगातार चलता जा रहा है . आप इसे रोक नहीं सकते . इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्या-क्या करते हैं।

आप भगवान के बारे में सोचिए भगवान खुद आपको कई जगहों पर ले जाएंगे अब आप यहां बैठे हैं और ध्यान करने की कोशिश कर रहे हैं पर पूछ रही थी कि अपने बार या रेस्टोरेंट या दोस्त या सिनेमा के बारे में लोगों ने आप से कहा मां के बारे में सोचो सब ठीक हो जाएगा अगर आप राम या कृष्ण के बारे में सोचते हैं तो आप पाएंगे आप राम के साथ सिनेमा जाएंगे मन की प्रकृति कैसी है .

राम खुद आपको बार में ले जाएंगे ,  राम को तो आपको रेस्टोरेंट ले जाएंगे , आप इसे रोक नहीं सकते क्योंकि

आपने खुद उन चीजों के रूप में अपनी पहचान बना रखी है जो अपनी कोई तरीका नहीं है , इसे रोकने का तो यहां जो किया जा रहा है वह आपके मन को काबू में करने के लिए नहीं है यह उस बारे में जागरूकता लाने के लिए है कि आप क्या नहीं अभी सबसे पहले आपकी सबसे बुनियादी पहचान आपका शरीर है .

आप ने पहचान बना रखी है अपनी अपने कपड़े,  अपने हेयर स्टाइल पर,  अपनी दाढ़ी के रूप में भी सही पहचाने ।  आपकी पत्नी, आपके बच्चे,  आपका परिवार,  आपकी शिक्षा,  धर्म अधर्म पर पहचाने अभी पहचाने कि साथ आप एक शांत मन चाहते ऐसी कोई चीज नहीं होती यही कारण है कि हमने आपको 0 नाम की एक आसान विधि दी है थोड़ी दूरी पैदा करते हैं

एक  बार जब दूरी बन जाती है तो अगर यह बकबक करने वाला मन भी हो तो भी फर्क आप मन से अलग रहेंगे।  एक बार जब आप मन से अलग हो जाते हैं तो आप सारी पहचान उसे भी अलग हो जाते हैं क्योंकि मैं नहीं पहचानता था करता है तो तब चीजें होंगी जिनकी आपने कल्पना भी नहीं की थी

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