छत्तीसगढ़ के साहित्यकार एवं उनकी रचनाएँ | chhattisgarh ke sahitykar evm uski rachna

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प्रत्येक भाषा के साहित्य में लेखन की परम्परा पद्यात्मक लेखन से आरंभ हुह है। छत्तीसगढ़ी में भी साहित्यिक लेखन की परम्परा पद्य से ही आरंभ हुई है। कबीर के पट्ट शिष्य धनी धर्मदास को डॉ.नरेन्द्र देव वर्मा छत्तीसगढ़ी का आदि कवि निरूपित करते है । इनके बाद के कवियों में सारंगढ़ के प्रहलाद दुबे की रचना ‘जय चंद्रिका’ ME भी ब्रज, बैसवाड़ी और छत्तीसगढ़ी का पुट मिलता है । रचनाओं के प्रकाशन के आधार पर छत्तीसगढ़ी साहित्य के पुरोधा के संबंध में प्रदेश के विद्वानों में मतभेद है ।

छत्तीसगडी काव्य के प्रथम प्रकाशित साहित्य के संबंध में डॉ.नरेन्द्र देव वर्मा पं. सुन्दर लाल SHARMA की कृति ‘दान लीला’ को तो नंदकिशोर तिवारी पं. लोचन प्रसाद पाण्डेय को उनके विभिन छत्तीसगढ़ काव्य एवं ‘कलिकाल’ का उत्लेख करते हुए. पुरोधा निरूपित करते हैं।

डॉ.विनय कुमार पाठक इन दोनों से भी पूर्व प्रकाशित रचनाकार नरसिंह दास वैष्णव का उल्लेख करते हैं जिनकी काव्य कृति ‘शिवायन’ में उड़िया के साथ ही छत्तीसगढ़ी में भी पद संकलित हैं।” शिवायन’ सन् 1904 में प्रकाशित हुई थी। छत्तीसगढ़ी में गद्य की अपेक्षा पद्य लेखन प्रचुर मात्रा में हुआ है । इसके बाबणूद यहां के रचनाकारों नें गद्य लेखन की अनेक विधाओं में प्रचुर लेखन किया है। KAHANI , निबध, व्यंग्य, बाल साहित्य, जीवनी, यात्रा संस्मरण, अनुवाद आदि विधाओ मे रचनाकार लगातार लिख रहे हैं। छत्तीसगढ़ी गद्य में पं लोचन प्रसाद पाण्डेय को छत्तीसगढ़ी गद्य का सस्थापक साहित्यकार माना जाता है ।

Chhattisgarh Ke Sahitykar Evm Uski Rachna || छत्तीसगढ़ के साहित्यकार एवं उनकी रचनाएँ

 Chhattisgarh Ke Sahitykar Evm Uski Rachna || छत्तीसगढ़ के साहित्यकार एवं उनकी रचनाएँ
Chhattisgarh Ke Sahitykar Evm Uski Rachna || छत्तीसगढ़ के साहित्यकार एवं उनकी रचनाएँ

1 . आचार्य डॉ.दसरथ लाल निषाद ‘विद्रोही ‘ : कृतियाँ :”गमकत मौंगरा’, ‘छत्तीसगढ़ के कांदा’, “छत्तीसगढ़ के गांधी’, ‘छत्तीसगढ़ के चटनी’, “छत्तीसगढ़ के पान’, “छत्तीसगढ़ के बासी , ‘छत्तीसगढ़ के भक्तिन’, ‘छत्तीसगढ़ के भाजी’, “छत्तीसगढ़ के मितानी , ‘ छत्तीसगढ़ के सिंगार’, ‘छत्तीसगढ़ के मछरी मास’, “छत्तीसगढ़ी सतसई कुंडलियां’, ‘निषाद संदेश’ आदि हैं।

2 . आनंद तिवारी पौराणिक : जन्म महासमुंद में 4 दिसम्बर 1949 को, तिवारी जी छात्र जीवन में ही ‘लहर’ नामक हस्तलिखित पत्रिका का संपादन करते थे। इनकी छत्तीसगढ्दी कृतियां है ‘पीड़त के पुर्ईन पान’, ‘”खल्लारी चालिसा’ और खल्लारी महात्तम’ एंवं हिन्दी में ‘ भावांजलि’ बालिका कविता संग्रह “कितना अच्छा होता’, कई कियों की कविताओं का संकलन संपादन ‘अंजुरी में अकास’। पत्रिका ‘ मयारूक बहिनी’ के प्रधान संपादक छत्तीसगढ़ के साहित्यकार एवं उनकी रचनाएँ।

3 . ईश्वर शरण पाण्डेय : जन्म रायगढ़ के निकट बालपुर में प्रतिष्ठित पाण्डेय परिवार में 6 जून 1933 को, कृतियां “पान मुखारी ‘, “हीरू के पीरा’, अभिज्ञान शाकुन्तलम के चौथा सर्ग के श्लोकों का छत्तीसगढ़ी अनुवाद ‘बेटी परे के धरना धरे होथे

4 . हदय सिंह चौहान : जन्म विलासपुर क चुचुहया पारा, बिलायपुर में 4 अक्टबर 1926, कृतियों – उपन्यास “फुटहा करम’ कहानी ‘ सोहागा’, ‘ पुतरी”, “मेखहा

5 . उधोराम झकमार: जन्म 12 नवम्वर 1935 पाड़का ग्राम में, मृत्यु 19 मार्च 199 में कतियां- इनकी कविताओं को खुशाल यहु द्वारा संपादित करके’ररूहा सपनावय दार भात’ नाम से प्रकाशित करवाया है।

6. कपिल नाथ मिश्र : जन्म खरोद मं, इनको प्रसिड्ध एवं बहु चर्चित कृति ख़ुसरा चिरई के बिहाव है।

7 . किसान दीवान : आप नरों बागबहरा जिला महासमुंद के निवासी हैं। इडनकी प्रकाशित कृतियोँ है ‘कृष्ण क्रांति’, “मटकुलिया’, ‘इझुनझून’, ‘प्यास भरे”, ‘नव जीवन’, ‘घर घुंधिया ‘, ‘जस के तस’, ‘माटी महतारी ‘ आदि।

8 . कंज बिहारी चौबे : आपका जन्म राजनादगांव के नवागांव के मालग्जार परिवार में 15 जुलाई 1916 को हुआ था। स्वतंत्रता आन्दोलन में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारी के रूप में आपका नाम लिया जाता हैं। आपकी कवितायें सास्वती, माधुरी तथा प्रेमा जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित होती थी। आपकी 100 कविताओं का संग्रह’अवशेष’ के नाम से प्रकाशित है।

आपने छत्तीसगढ़ी में भी पद्य रचनायें की किन्तु कुछ रचनायें ही उपलब्ध हैं जिसके आधार पर पं.दानेश्वर शर्मा नें इन्हें छत्तीसगढ़ का चंद्रधर शर्मा गुलेरी कहा है।

9. कुष्णा रंजन : जन्म अगस्त 1934, आप राजिम में निवास करते हैं, आप प्रसिद्ध संत कवि स्व. पवन दीवान के शिष्य हैं। आप छत्तीसगढ़ी में गद्य एवं पद्य समान रूप से रचनायें लिखते हैं जो पत्र -पत्रिकाओं में प्रकाशित होता है। Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachna में प्रसिद्ध कृतियों में ‘महानदी घाटी की सभ्यता (छत्तीसगढ़ की खोज)’ चर्चि खारवहरा तोला गांधी बनाबो’, ‘दुब्बर ल दू अषाढ़’, “सूजी अउ संगवारी प्रथम छत्तीसगढ़ी हाईकू संग्रह ‘ चोर ले मोटरा उतिआइल’ आदि।

10 . गया प्रसाद बसेढ़िया : आप खरोरा के निकट ग्राम गौर खेड़ा के निवासी थे . आपकी छत्तीसगढ़ी कृति खुण्डकाव्य ‘महादेव के बिहाव’ हैं .

11 . गिरिवर दास वैष्णाव : जन्म सन् 1897 में बलौदाबाजार के गांव मा देंदुआ में । Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachna कृति – छत्तीसगढ़ी सुराज।


12 . चंद्रशेखर चकोर: जन्म 9 सितम्बर 1988, ग्राम कादुल रायपुर में, आप छत्तीसगाही पत्रिका ‘बरछा बारी’ के संपादक हैं आपने छत्तीसगढ़ के लोक खेलों को संशिधि करने हेत् प्रयास किया है एवं इस संबंध में साहित्य भी प्रकाशित है। दछत्ती ददरिया संग्रह, चंदैनी शैली में नाटक ‘टेकहा राजा’ लेखन व मंचन।

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13 . चेतन आर्य : आपका जन्म 16 अक्टूबर 1947 रायपुर में हुआ, आप प्रतिभाशाली कवि हैं एवं आपने काव्य के अनेक रूपों में छत्तीसगढ़ी काव्य लेखन किया है। साथ ही आपने छत्तीसगढ़ी में गद्य व्यंग्य लेखन भी किया है।

14 . जय प्रकाश मानस : जन्म 2 अक्टूबर 1965 में, छत्तीसगढ़ी के प्रथम व्यंग्यसंगह ‘कलादास के कलाकारी’ के रचनाकार।

15 . ठा.जीवन सिंह: जन्म 22 अगस्त 1937 ग्राम भैंसदा जिला जांजगीर में, कतियां17.
दुब्बर ल दू अषाढ़, हिले नहीं हिलाने वाला आदि ।

16 . डिहर राम निर्वाण ‘ तृष्त’ : आपका जन्मस 27 नवम्बर 1935 में राजिम के पास ग्राम भेंडरी में हुआ। कृतियोँ – “मइके के गोठ’, ‘पंच निंदा ‘,दोहा संग्रह ‘दांड बनथे कांड’ केंवट गुनान’ “सुरता में राम’ आदि।

17 . डॉ. अरूण कुमार शर्मों : जन्म 10 अक्टूबर 1956 को जांजगीर में, छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह ‘मान के साथ ‘ प्रकाशित।

18 . डॉ. उमिला शुक्ल : जन्म 20 सितम्बर 1970 को, पत्र- पत्रिकाओं में छत्तीसगढ़ी आलेख व कविता का प्रकाशन के साथ ही कहानी संग्रह ‘ आवो मनटोरा घर चलें , छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘छत्तीसगढ़ के अउरत’, ‘गोदना के पूल एव छत्तीसगढ़ी खण्डकाव्य ‘महाभारत मं दुरपति’ इनकी प्रमुख कृतियोँ हैं।

19 . डॉ. जे. आर. सोनी : ‘सतनाम के अनुयायी’, ‘सतनाम की दारशनिक पृष्ठभूদ। बबूल की छांव’, गीत संग्रह’ मोंगरा के छांव’ कहानी संग्रह’ मितान’, “नगभत, उपन्यास “उढ़रिया’ और ‘चंदकला’, हिन्दी उपन्यास “पछतावा’ .

20 . डॉ. देवी प्रसाद वर्मा ( बच्चू जांजगीरी) : जन्म अकल कर म्सीहा’, काव्य “मडेया गातों है, ‘रास्ता काटती बिल्ली’, ‘थमा हुआ जल’
‘तस्वीर के तपकड़े , कहानी “दर्देभरी दास्तान ‘, ‘इमामबाड़ा’ आदि । उपन्यां इन्होंनें छत्तीसगढ़ी में कुछ उत्कृष्ठ कवितायें भी लिखी है।

21 . डॉ. बिहारी लाल साहू : जन्म ग्राम चाटी पाली रायगढ़ में 26 अगस्त 1949 को, आप भाषा विद हैं। आपने छत्तीसगढ़ी प्रहेलिकाओं पर शोध किया है जो छत्तीसगढ़ी प्रहेलिकायें’ एवं “कुडुख : उरांव प्रहेलिकारयें ‘ नाम से प्रकाशित है। आपकी प्रमुख कृतियोँ हैं ड्र छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘सुरूच पोटारिस अधिकार’ के अतिरिक्त पद्यश्री मुकुटधर पाण्डेय की कृति “छत्तीसगढ़ी मेघदूत’ सहित “छत्तीसगढ़ी प्रहेलियाँ’, ‘मुकुटधर पाण्डेय चयनिका’, ‘छतीसगढ़ी भाषा और लोक साहित्य’ “अंतस के अक्षांस’ आदि का संपादन भी किया है।

22 . डॉ. राजेन्द्र सोनी : जन्म घुमका ग्राम राजनांदगांव जिला में 1 अगस्त 1953 कोहुआ था, कृतियाँ – काव्य .
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23 . डॉ. हनुमंत नायड़ू’राजदीप’ : मूलत: श्रृंगार के कवि, छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘कहि देबे संदेश’ में इन्होंनें गीत लिखा है।

24 . डॉ.गोरेलाल चंदेल : जन्म 1 दिसम्बर 1944 ग्रम कुसमी, खैरागढ़ में । आपनें शोध ग्रंथ ‘छत्तीसगढ़ी ददरिया का लोकतात्विक अनुशीलन’ नामक किताब एवं अन्य शोधात्मक ग्रंथ लिखे हैं।

25 . तीरथ राम गढ़ेवाल : जन्म 4 सितम्बर 1950, हिरींमाइंस के पेंड्रीडीह में, अल्पायु में मृत्यु, कृति ‘तोला कोन रंग भाथे’ ।

26 . दिनेश चौहान : आप राजिम में निवास करते हैं एवं आपकी कृतियाँ है : ‘कईसे होही छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया “, ‘ चउखड़ी जनउला’, ‘छत्तीसगढ़ी बवर तुतारी’ आदि प्रमुख हैं।

27 . नंदकिशोर तिवारी : जन्म -1941 बिलासपुर के निकट सागर ग्राम में । प्रमुख कृतियाँ : ‘उखूभंगम’ महाकवि भास के नाटक का अनुवाद, ‘ कुछू काहीं, ‘छत्तीसगढ़ की लोक कथायें”‘, “छत्तीसगढ़ी कहिनी’, “छत्तीसगढ़ी साहित्य का एतिहासिक अध्ययन’, ‘छत्तीसगढ़ी साहित्य दशा और दिशा’, .

28 . नरसिंह दास वैष्णव : जन्म शिवरीनारायण के पास घिवरा गांव में संबन में, निवास तुलसी में, कृतियाँ- जानकी माई हित विनय, नरसिंग चौतीसा, शवायन आदि।

29 . नित्यानंद पाण्डेय : जन्म संवत 1981 में जांजगीर के बलौदा में कनिश छत्तीसगढ़ी मेघदूत, प्रहलाद चरित्र, ध्ूव चरित्र काव्य संग्रह।

30 . निशीथ पाण्डेय : जन्म दुर्ग में 11 नवम्बर 1958 में, कृतिया : छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह ‘ सरलग’, ‘पैडगरी’, गजल संग्रह ‘ संघरहा’, कहानी संग्रह “साखी’ डनकी घनी मुंदी’ छत्तीसगढ़ी बाल गीत संग्रह भी प्रकाशित है।


31 . पं. बंशीधर पांडेयः Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachna जन्म 1892 में रायगढ़ के समीप बालपुर में, मृत्य 1971 . आपको छत्तीसगढ़ी का प्रथम उपन्यासकार माना जाता है। आपके द्वारा लिखी छत्तीसगढ़ी उपन्यास “हीरू के कहिनी’ का प्रकाशन 1926 में हुआ था। आपकी अन्य कृतियों में हिन्दी नाटक ‘विश्व का फल’ एवं उड़डिया गद्य संकलन ‘गजेन्द्र मोक्ष’ हैं । आप पं. लोचन प्रसाद पांडेय के अनुज एवं ं. मुकुटधर पांडेय के अग्रज थे।

32 . पं. श्यामलाल चतुवेदी : जन्म अकलतरा के पास कोटमी गांव में 20 फरवरी 1926 में, कृतियां कविता संग्रह ‘राम बनवास’ ‘पर्रा भर लाई’, “भोलवा भोलाराम बनिस’ (कहानी) आदि।

33 . पं.शुकलाल प्रसाद पाण्डेय : इनका जन्म सन् 1886 में रायपुर में हुआ । आप छत्तीसगढ़ के प्रारंभिक साहित्यकारों में प्रमुख थे । आपकी रचनायें तत्कालीन राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते थे। आपकी मृत्यु 2 जनवरी 1951 को हुई। आपकी प्रमुख कृतियों में छत्तीसगढ़ी में काव्य संग्रह “गिया’ और ‘ग्राम गीत’ एवं हिन्दी में भूल- भुलईया, मैंथिली मंगल (खण्ड काव्य), छत्तीसगढ़ गौरव आदि प्रमुख हैं।

34 . प.सुंदरलाल शर्माः इनका जन्म 1881 ई. में राजिम के समीप चमसूर ग्राम ें हुआ। इन्हें अंग्रेजी, संस्कृत, मराठी, बंगाली, उडिया भाषा का ज्ञान प्रप्त था। हरिजन उद्धार के क्षेत्र में किए गए . जेल पत्रिका’ का भी प्रकाशन किया है । इनकी मृत्यु 28 दिसंबर, 1940 को हुई।

35 . छत्तीसगढ़ के साहित्यकार पद्यश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे : जन्म 8 अगस्त 1953 बेमेतरा में, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध अंतर्शाष्टरीय मंचीय कवि, कृतियों : काव्य संग्रह ” मिथक मंचन’, “किस किस . पर कविता लिखं’, नुक्कड़ नाटक सग्रह’ दो पाव का आदमी, ‘छत्तीसगढी नाट पीरा’ नाटिका संग्रह ” नवा सुरूज’, हास्य कविता ‘ मोर पंडवा गंवा गे’ और अन्य काव्य संग्रह।

36 . छत्तीसगढ़ के साहित्यकार पह्मश्री पं. मुकृट धर पाण्डेय : Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachnaजन्म रायगढ़ के समीप बालपुर में सन 30 सितम्बर 1895 की हुआ। आपको भारत सरकार द्वारा साहित्य के क्षेत्र में पद्श्री सम्मान प्रदान किया गया था। आपको हिन्दी साहित्य में छायावाद का जनक माना जाता है, आपकी कविता ‘क्ररी के प्रति ‘ को पहली छायावादी कविता है। आपने हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में रचनायें लिखीं। जिनमें कविता संग्रह ‘”स्वदेश संग्रह’, ‘पूजा के पूल्ल’, ‘शैलबाला’, ‘लक्ष्य’, कहानी संग्रह ‘ मेरा हृदयदान’, निबंध “हिन्दी भाषा का स्वरूप’ आदि हिन्दी में प्रमुख कृतियांँ हैं। आपे कालिदास के मेघदूत का छत्तीसगढ़ी अनुवाद किया था एवं छत्तीसगढ़ी में गीत रचनायें की थी। आपकी मृत्य मृत्यु 6 नवम्बर 1989 को हो गई ।

37 . पुरषोत्तिम लाल : आप खरोरा निवासी थे, आप छत्तीसगढ़ी में प्रचार काव्य के लेखन के लिए जाने जाते हैं । आपने 1930 में कांग्रेस के प्रचारार्थ ” कांग्रेस आल्हा’लिखी।

38 . pyare लाल गुप्त : आप साहित्य, इतिहास और पुरातत्व के प्रसिद्ध विद्वान थे । সपका जन्म 17 अगस्त 1891 रायपूर में हुआ बाद में आप बिलासपुर में निवास करने लगे। आपकी कृतियाँ विध्णु महायज्ञ’, संदर्भ ग्रंथ ‘हमारा छत्तीसगढ़’ “बिलासपुर वैभव’ आदि अनेक ग्रथ प्रकाशित, इन्होंनें छत्तीसगढ़ी में भी कई गीत लिखे जिसमें से कुछ बहुत हिन्दी में उपन्यास ‘लवंगलता’, ‘रतनपुर का लोकप्रिय हुए।

39 . प्रम साइमन : जन्म- 1947 मृत्य 0000, छत्तीसगढी और हिन्दी के प� मृत्यु 16 जून 2000 बिलासपुर में, कृतियोंँ गमकत गात,”मेघदूत’, सुन्दरकोंर (नाटक), महासती विंदामति आदि।

40 . भगत सिंह सोनी : जन्म 25 सितम्बर 1947 को रायपुर मं, कृतियों कविता संग्रह ‘रहंचुली’, अनुवाद ‘”गरमी के दुख म घलोक फुलथे पलास’ आदि।

41 . भूपेन्द्र टिकरिह्ा : जन्म 19 सितम्बर 1945 पाटन के पास डंगनिया में, कृतियोंकाव्य संकलन ‘ धरती के संग, जिनगी के रंग’।

42 . मकसूदन राम साहू :
जन्म 6 अगस्त 1948 चिपरीडीह, रायुपर, कृतियाँ – लोक नाट्य ‘मोला लागत हे मतासी’, इसका कई बार सफलतापूर्वक मंचन हुआ है। “बापू के पैडगरी ‘ इनका प्रसिद्ध काव्य संग्रह है।

43 . मास्टर नोहर साय : जन्म रायगढ़ जिले के बांधापाली गांव में 5 जुलाई 1926 में, मृत्यु 1998 में, कृतियाँ – कविता ‘ मारवो फेर रोवन नइ दन’।

44 . मुकुन्द कौशल : जन्म 7 नवम् बर 1947 दुर्ग में, आाप छत्तीसगढ़ी गीतों के प्रसिद्ध गीतकार हैं। आप हिन्दी, उर्दू, गुजराती एवं छत्तीसगढ़ी में समान रूप से लेखन कर रहे हैं। आपकी छत्तीसगढ़ी कृतियाँ “छत्तीसगढ़ी गजुल’, गजल संग्रह ‘ मोर पिंजरा के उड़त परेवना ‘, उपन्यास केरवंछ’ आदि हैं। कविता संग्रह ‘भिनसार’,

45 . मुरली चंद्राकर : जन्म-अर्जुदा (दुर्ग), 1973 में ‘सोनहा विहान’ में गीत लिखे; पुष्यांजली’ नाम का कैसेट बम्बई में रिकॉर्ड; कृतियां- ‘देख देवर बाबू तोर भइया के चाल’, ‘जिनगी के नई हे ठिकाना’ और ‘ बैरी पैरी ल चिटको शरम नई लागे’ आदि ।

46 . मेदिनी प्रसाद पाण्डेय: जन्म 1869, मृत्यु 1930 परसापाली, खरसिया। छत्तीसगढ़ी और बृज भाषा में रचनायें । Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachna कृति – सतसंग विलास, गद्य मजूषा, पद्य मंजूषा, गणपति उत्सव दरपन आदि।

47 . मैथ्यू जहानी जर्जर : जन्म 1 अक्टूबर 1934 ग्राम मोछ, जिला बिलासपुर, .सम्मेलन के मंचीय कि कवि

48 . राम लाल निषाद : जन्म 31 जून 1948 को कंवट पारा रायगढ़ में, आप तीसगढ़ी के सुमधुर गीतकार हैं।’ झांझ कर ताल बाजे’ नामक एक काव्य संग्रह काशित।

49 . lala जगदलपुरी : जन्म-17 दिसबर, 1920, मृत्यु 00000 : रचनाएं करीब ২ कतियाँ प्रकाशित, प्रथम ‘हल्बीं लोक कथाएं’, निबंध संग्रह कविता संग्रह, गजल संग्रह, गीत संग्रह, मुक्तक सग्रह, छत्तीसगढी काव्य संग्रह, हल्बी– भतरी लोकोक्तियों का वर्गीकरण आदि अप्रकाशित कृतियाँ हैं। ‘बस्तर का इतिहासऔर संस्कृति’ इनकी महत्वपूर्ण कृति है।

50 . शिवशंकर शुक्ल : जन्म- 1934; कृतियां- “दियना के अंजोर’ (छत्तीसगढी उपन्यास); कहानियाँ- मोंगरा, रघिया, छत्तीसगढ़ी लोककथाएं -डोकरा के कहिनी, दमाद बाबू दुलखू आदि

51 . श्रीमती दीप दुर्गवी : जन्म 3 नवम्बर 1957, छत्तीसगढ़ी गीत संग्रह प्रकाशित ।

52 . श्रीमती शकुन्तला तरार : जन्म तहसीलपारा कोंडागांव में, नारी का संबल नामक पत्रिका का संपादन, हिन्दी, हल्बी और छत्तीसगढ़ी में लेखन, कृतियां छत्तीसगढी गीत संग्रह ‘बनकैना’, ‘घर घुंदिया , लघु नीटक ‘ चूरी, ‘हल्वी हाईकू संग्रह’टेपारी’ आदि।

53 . श्रीमती शकू्तला शर्मा : जन्म 26 अगस्त 1951 ग्राम कोसला, जिला जांजगीर चांपा में, हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी में लेखन, अनेक संस्कृत साहित्य प्रथों का हिन्दी एवं छ्तीसगढी में अनुवाद, छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह ‘चंदा के छांव में ‘, कॉविता संग्रह ‘ ढाई आखर’ गीत संग्रह ‘ लय’, ‘संप्रेषण’, खण्डकाव्य “शकुंतला कठपनिषद का गीतमय व्याख्या, निबंध संग्रह ‘ इदं न मम’, महाकाव्य ‘रघुवश’ चम्यू काव्य ‘कोसला’, छत्तीसगढ़ी महाकाव्य ‘कुमार संभव’ आदि Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachna।

54 . श्रीमती सरला शर्मा : जन्म चैत्र शक्ल, रामनवमी संवत 2008 जांजगार में, छतसगढ़ी साहित्य के समर्थ आलोचक, कृतियों – छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह सुरता के बादर’, छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘माटी के मितान’ अदि।

55 . श्रीमती सुधा वर्मा : जन्म 25 नवम्बर 1955, जगदलपुर में, कृतियाँ- हिन्दी काव्य संकलन ‘क्षितिज के पार ‘ हि्दी एवं छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह “कोख म बसेरा’, छत्तीसगढी उपन्यास ‘बनके चंदैनी’, छत्तीसगढ़ी लोक संग्रह ‘तरिया সसू, लोक कथा ‘


56. हेमनाथ वर्मा ‘विकल’ : जन्म 2 सितम्बर 1937 भिलाई में, कृति काव्य संग्रह ‘ चुरूवा के पानी’, ‘मनमोहना’, ‘हनुमान जन्म’, कृष्ण चरित्र’, छत्तीसगही हसगुल्ला’।

57 . छत्तीसगढ़ के साहित्यकार पं. लोचन प्रसाद पाण्डेय : इनका जन्म 4 जनवरी, 1886 में रायगढ़ के समीपबालपुर गांव गमें हुआ। इन्होंनें हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी में छोटी- बड़ी लगभग 30-35 किताबें लिखी हैं । जिसमें प्रमुख कृतियां है काव्य संग्रह ‘ प्रवासी’, उपन्यास “दो मित्र’, बालिका विनोद, कविता कुसुममाला, उड़िया काव्य संग्रह ‘ कविता कुसूम’ “महानदी’, “लेटर्स टू माई ब्रदर्स’, ‘राधानाथ राय : द नेशनल पोएट ऑफ ओरिसा’, ‘द वे टू बी हैप्पीं एंड गे, ‘भक्ति पुष्पांजलि’ जीवनी ‘चरित माला नाटक ‘उन्नति कहां से होगी’, ‘ग्राम्य विवाह विधान’ आदि ।

इनकी छत्तीसगढ़ी में ‘कलिकाल’- छत्तीसगढ़ी नाटक, “भुतहा मंडल’, ‘केदार गौरी’ और ‘ मृगी दुखमोचन’ कालजयी रचना है। आप भाषा विद थे आपने हीरालाल काव्योपाध्याय के छत्तीसगढ़ी व्याकरण का परिवर्द्धन कार्य किया था और इसमें व्यकरण के साथ मुहावरे व पहेलियों का खण्ड स्वयं संकलित कर जोड़ा था। इनकी मृत्यु 18 नवम्बर 1958 को हुई।

58 . कपिलनाथ कश्यप : जन्म 6 माचे, 1906 पवना ग्राम; निधन 6माचे, 1906; निधन-2 मार्च, 1985 में, जिला जांजगीर चांपा में। कतियाँ- ‘श्री रामकथा’ (महाकाव्य), अब तो जागौ रे, डहर के कांटा (कहानी संग्रह), श्री कृष्ण कथा, सीता की अग्निपरीक्षा, डहर के पूल्ल, अंधियारी रात (एकांकी), गजरा (काव्य संग्रह), नवा बिहान (एकांकी), आदि ।

59 . पं. द्वारिका प्रसाद तिवारी ‘विप्र’: जन्म-6 जुलाई 1908 बिलासपुर में, मृत्यु 2 जनवरी 1982 । कृतियाँ गीत’, ‘फागुन गीत’, ‘डबकत गीत’, ‘घमनी हाट’, ‘राम अउ केवट संवाद ‘कांग्रेस विजय आल्हा’, शिव स्तुति’, ‘गांधी गीत’ आदि । इनकी समग्र रचनाओा का संकलन नंदकिशोर तिवारी जी के संपादन में ‘लोकाक्षर’ पत्रिका के द्वारा प्रकाशित कराया गया हैं। कुछु काही ‘, ‘सुराज गीत’, ‘पंचवर्षीय योजना

60. lochn prashad pandey : जन्म रायगढ़ में 12 जुलाई 1909 में, मृत्यु 29 जून 1994 में, vदोक सांस्कृतिक संचालक थे। कृति = चौरा के तुलसी । कोदराम दलित : जन्म 5 माचे 1910 अर्जुन्दा के पास टिकरी गांव में. मत्य 1৪ सितम्बर 1967 1 कृतयां – सियाना गोठ, कनवा समधी, अलहन, द मितान, हमर देश, कृष्ण जन्म, बाल निबध, कथा- कहानी, बहुजन हिताय बहजन सुखाय, छन्नर- छन्नर पैरी बाजय ।

61 . सीताराम साहू : जन्म 17 माचे 1910 रावण भाठा, रायपुर में, मृत्यु 17 अगस्त 1962 में, कृतियाँ – काब्य संग्रह ” बंजारी धाम’, ‘डोहड़ी अउ खोरसी’।

62. शेष नाथ शमों ‘शील’ : जन्म जाजगीर में 14 जनवरी 1914, मृत्यु 7 अक्टूबर 1997 में, इन्होंने हिन्दी, बंगला एवं छत्तीसगढी में रचनायें लिखी हैं।

62 . बद्री विशाल परमानन्द : जन्म जुलाई, 1917, मंदर हसौद के समीप गाँव छतौना (रायपुर जिले में ), मृत्यु- 11 मई, 1993। प्रसिद्ध गीत ‘का हतैं मोला मोहनी डार दिये गोंदाफूल’ । संकलन ‘पिंवरी लिखे तोर भाग’।

63, बृजलाल प्रसाद शुक्ल : जन्म 1 जुलाई 1919 मुंगेली में, कृति – सवैया छंद .

64 . ग.सी. पल्लीवार : जन्म 13 जूलाई 1925, दैनिक स्वदेश में छत्तीसगढ़ी परिशिष्ठ मैं खण्ड काव्यका सपादन।

66 . जी. एस. रामपल्लीवार : जन्म -21 जुलाई, 1925, बिलासपुर, कृतियों
नाटक किसान-बढ़ो किसान’, 6 भाग में प्रसारित ‘ नोंक झोंक’ का दैनिक छत्तीसंगढ में प्रकाशन: स्वदेश और समवेत शिखर में छत्तीसगढ़ी व्यंग्य का साप्ताहिक कालम ।

67 . অমृतलाल दुर्बे : जन्म-1 अगस्त, 1925 बिलासपुर में, कृति ‘तुलसी के बिरवा जगाय’। 1 अप्रैल, 1980 को 55 वर्ष की आयु में मृत्यु।

68 . পাरायणलाल परमार: जन्म 1 जनवरी 1927 गुजरात के कच्छ मं, मृत्यु 26 अप्रल 2003 में, मूलत: हिन्दी के साहित्यकार किन्तु इन्होंनें छत्तीसगढ़ी में भी कोवितायें लिखे हैं जिनमें ‘सरज नई मरै’ और ‘सोन के माली’ नामक कविता संग्रह व एकांकी ‘मतवार’ प्रमुख हैं।

69 . tikenndra kikariya ‘साहकार ले छटकारा’, ‘पितर पिंडा , ‘सउत के डर’, “नाक में चूना’ ‘नনা
विहान’, ‘देवार डेरा, ‘पंचायती राज’ आदि हैं।

70 . keyar भूषण : Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachna जन्म 28 फवरी 1928 को बेमेतरा के पास ग्राम जांतामें हुआ, आप छत्तीसगढ़ी भाषा के वरिष्ठ लेखक हैं, आप सांसद भी रहे हैं।आपकी कृतियों में नाटक’सोन कैना’, गीत संग्रह ” बनिहार’, उपन्यास ‘कल के मरजाद’, ‘लोक लाज’, ‘समय के बलिहारी ‘, कहानी सग्रह ‘ मोर धान के कटोरा कहाँं बिलागे’ कविता संग्रह ‘लहर ‘, व्यंग्य “देवता मन के भुतहा चाल’ जीवन परिचय ‘ ममता मयी मां मिनी माता’ आदि हैं।

71 . हेमनाथ यदु : जन्म 1 अप्रैल, 1928, महमई पारा रायपुर; मृत्यु 5 अप्रैल, 1979, कृतियाँ- कविता संग्रह ‘बनिहार’, ‘छत्तीसगढ दर्शन’, “सोन चिरइ्या’, “छत्तीसगढी रामायण’, नवा सुरूज के अगवानी, महामाया महातम्य, मन के कल्पना, छत्तीसगढ़ दरसन, पसर भर अंजोर, सुआ गीत एवं चंदा- चदैनी (अप्रकाशित छत्तीसगढी उपन्यास)।

72 . पालेश्वर शर्मा : जन्म -1 मई, 1928 जांजगीर में, । छत्तीसगढी गद्य और पद्य में समान अधिकार, छत्तीसगढ़ के कृषक जीवन की शब्दावली पर पी- एच.डी. कृतियां- ‘सुसुक झन कुररी सुरता ले’ (कहानी), ‘तिरिया जनम झनि देय’ (क्रहानी), छत्तीसगढ़ का इतिहास एवं परम्परा’, ‘नमस्तेऽस्यु महामाये’, “छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहार ‘, डिडनेश्वरी दर्शन’, ‘सुरुज साखी है’ (छः कथाएं), “छत्तीसगढ परिदर्शन’ आदि हैं। इन्होंनें छत्तीसगढी शब्द कोश का भी निर्माण किया है।

73 . अरूण कुमार सेन : जन्म 6 मई 1928 राजिम में, इंदिरा कला संगोत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के कुलपति, छत्तीसगढ़ी में गीत लिखे हैं ।

74 . उमेश शर्मां : जन्म 1 जनवरी 1930 रायपुर में, कवि सम्मेलनों में छत्तीसगढा गीत की प्रस्तुति ।

75 . भगवती सेन : जन्म- 23 मई, 1930 धमतरी जिले के देमार ग्राम में, मृत्यु ১. अगस्त 1981, कृतियांँ – ‘नदिया मरे पियास’, ‘देख रे आंखी सुन रे कान इनकी प्रकाशित छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह है।
76 . विद्याभूषण मिश्र : जन्म 23 दिसम्बर, 1930 , छलकते घट’, छत्तीसगढ़ी गीत ‘फूल भरे अंचरा’. हन्म छत्तीसगढ़ी गीत-माला , साहत लगभग 36 काव्य संग्रह प्रकाशित।

77 . লিिशांकर शक्ल : जन्म 1 फरवरो 1931 को दुर्ग में, मृत्यु 0000 । आप नें चंदैनी गोदा लोक सांस्कृतिक संस्था के लिए लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गीतों की रचना

78 . विश्वश्भर यादवं मरहा : जन्म 6 अप्रेल 1931 ग्राम बघेरा, दर्ग में, छत्तीसगढ़ कविता के प्रखर कवि, कोवि सम्मेलन के मंचीय प्रस्तुति में महारत। छत्तीसगढ़ी काव्य कृति ‘हमर अमर तिरंगा’, “मरहा के आंसू’।

79 . पं. दानेश्वर शर्मां : Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachna जन्म 10 मई 1931 को ग्राम मेड़ेसरा, दर्ग में हुआ । आपने मूलतः हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी में लेखन किया है, आप दैनिक भास्कर में तीन वर्ष तक'”लोक दर्शन’ नाम से स्तंभ भी लिखा है। आपकी प्रकाशित पुस्तकों में’छत्तीसगढ़ के लोक गीत’, हिन्दी गीत संग्रह ‘हर मौसम में गीत लिखूंगा’, ‘गीत-अगीत’, हिन्दी खण्ड काव्य ‘लव-कुश’, छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह’तपत कुरू भई तपत कुरू’ आदि।

80 . मेहत्तर राम साहू : जन्म 1 जूलाई 1933, कृतियों – कविता संग्रह “कंडेवा लेगे कान’, ‘होही अंजोर’, कहानी संग्रह ‘बूड़े म मोती मिलथे , ‘हमरेच भीतर सब कुछ है, एकांकी ‘सब परे हे चक्कर म’ एवं कुछ पौरणिक खण्ड काव्य आदि ।
.
81 . लखनलाल गुप्त : जन्म 1 जूलाई 1933 बिलासपुर में, कृतियां – छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘चंदा अमरित बरसाईस’ ‘संझौती के बेरा’, निबंध संग्रह ‘सोन पान’, गाठि बात ‘, छत्तीसगढ़ी बाल साहित्य ‘ हाथी घोड़ा पालकी , आत्म कथा सुरता के सोन किरन’ आदि ।

82 . प्रभजय शात्री : जन्म 21 जलाई 1933 ग्राम बीरेझर धरमतरी में, कृतियों कावता संग्रह ‘बिन भांडी के अंगना ‘, ‘छत्तीसगढ़ी रामायण महाकाव्य’, खण्ड काव्य’ अंजनी नंदन ‘ श्रीमद्धागवत गीता का छत्तीसगढ़ी अनुवाद सोहित लगभग 12 काव्य संग्रह ।

83 . আ वमल कुमार पाठक : जन्म 6 जनवरी 1938 को बिलासपुर में, मृत्यु 5 मह 2016 को भिलाई में । कतियाँ – गंवई गीत, छतपगढ़ी गीत आदि।

84 . छत्तीसगढ़ के साहित्यकार डॉ. नरेंद्रदेव वर्मां : जन्म 4 नवम्बर, 1939, वधों में; मृत्यु 8 सितंबर, 1979 . कुतियों – शोध ग्रंथ ‘छत्तीसगढी भाषा व साहित्य का उद्विकास। ये कवि, नाटककार , उपन्यासकार, कथाकार , समीक्षक एवं भाषाविद थे । इनका छत्तीसगढ़ी गीत संग्रह’ अपूर्वं’, सुबह की तलाश (हिन्दी उपन्यास) आदि प्रकाशित ग्रंथ हैं. इनका ‘मोला गुरू बनई लेते’ छत्तीसगढ प्रहसन अत्यंत लोकप्रिय हुआ था।

85 . डॉ. बलदेव : जन्म 27 मई 1942 प्राम नरियरा जिला चांपा- जांजगीर में, छत्तीसगढ़ी साहित्य के वरिष्ठ अध्येता, कृतियाँ डु हिन्दी उपन्यास ‘ढाई आखर’, कहानी संग्रह’ भगत की सीख’, समीक्षा ग्रंथ’ छायावाद और मुकुट धर पाण्डेय’ छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह ‘धरती सबके महतारी’ सहित अनेक आलोचनात्मक और शोध ग्रंथों का लेखन व संपादन।

86 . डॉ. सत्यभामा आडिल : जन्म 1 जनवरी 1944 ग्रांम पंदर, जिला दुर्ग में, कुृतियाँ- काव्य संग्रह निःशब्द सूजन’, ‘क्वोर की दुपहरी , ‘काला सुरज’, उपन्यास’प्रेरणा बिन्दु से निर्वेद तट तक’ छत्तीसगढ़ी कहानी संकलन ‘ गोठ’, ‘घरखुसरा ‘, राउतकथा’ व अन्य कृतियाँ, इन्होंनें छत्तीसगढ़ के प्रथम कवि धनी धरमदास पर शोध किया है जो एक महत्वपूर्ण प्रकाशन है।

87 . डॉ. निरूपमा शमा- जन्म 31 मई 1944 में कवर्धा में; कुतियाँ – ‘पतरेंगी’, “रितु बरनन’, ‘हमर चिन्हारी’ छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह, ‘बूंदो का सागर’ हिन्दी कविता संग्रह, “विचार के हीरा’ हिन्दी-छत्तीसगढ़ी चिंतन, ‘इन्द्रधनुषी छत्तीसगढ़ निबंध संग्रह।

88 . संत पवन दीवान : जन्म 1 जनवरी 1945 को राजिम के निकट ग्राम किरवई में, कवि सम्मेलन मंचों में छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति।

89 . श्रीमती संतोष झांझी : जन्म 1 अप्रैल 1945, मूलतः हिन्दी की लेखिका है। इन्होंनें छत्तीसगढ़ी में कवितायें भी लिखी हैं।

90 . रामेश्वर वैष तन भारती : Chhattisgarh Ke Sahitykar evm Uski Rachna जन्म 30 माचे 1946 जोरा तराई धमतरी में हुआ। आपने छत्तीसगढ़ी के वरिष्ठ लेखक स्व.हरठाकुर की व्यक्तित्व एवं कृतिल्व पर अध्ययन का उनपर एकाग्र गद्य ग्रंथ भी लिखा है । आपकी कृतियों में कविता संग्रह ‘ अंचरा के पीरा’, “ठोम्हा भर घाम’ आदि।

92 . बधराम यादव : जन्म 3 मई 1946 ग्राम खैरवार खुर्द, लोरमी जिला बिलासपुर में, सुमधुर कंठ के स्वामी, कृतियोंँ काव्य संग्रह ‘अंचरा के मया’, ‘मनुख मोल के रखवारी’, खण्ड काव्य ‘गाव कहां नंदावत है’ छत्तीसगढ़ी सतसई दोहा संग्रह ‘ चकमक चिनगारी भरे’ छत्तीसगढ़ी दोहा संग्रह’ अमली आमा नइ फ्य’ छत्तीसगढ़ी मुहावरा संग्रह ‘हाना मारे ताना’, हिन्दी दोहा संग्रह ‘जीवन के दिन चार’, हिन्दी गीत संग्रह ‘पाने को अमरत्व’, आदि ।

93 . डॉ.जीवन यदु ‘राही’ : आपका जन्म 1 फवरी 1947 को खैरागढ़ में हुआ। आप लोक संस्कृति के मर्मज्ञ हैं एवं हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी में समान रूप से रचनायें रचते हैं । इनकी प्रमुख कृतियों में हिन्दी काव्य संकलन “झील की मुक्ति के लिए’, गीत संग्रह’ अनकहा है जो तुम्हारा’, निबंध ‘लोक स्वप्न में लिलिहंसा’, छत्तासगढ़ी काव्य नाटिका ‘अइसनेच रात पहाही , गीत संग्रह ‘ धान के कटोरा’ सहित छत्तीसगढ़ी काव्य एवं लोक संस्कृति पर पर कुछ आलोचनात्मक कृतियाँ व पत्र- पत्रिकाओं में छत्तीसगढ़ी गीत प्रकाशित।

94 . रामप्यारा पारकर : जन्म 1 अप्रैल 1947 ग्राम बेलौदी, जिला दुर्ग में, कृति “छत्तीसगढ़ी सुगम व्यकरण’ ।

95 . डा. विनय कमार पाठक : जन्म-11 जून, 1947, बिलासपुर में । कृतिया लोककथा, छत्तीसगढ़ी साहित्य ओर साहित्यकार, एक रूख एकच
छत्तीस राखा, एकादशी अउ अनचिन्हार (काव्य), बजलाल शुक्ल :व्यक्तित्व कृतित्व,

96 . कापलनाथ कश्यप: व्यक्तित्व कतित्, छत्तीसगढ़ के स्थाननामों का भाषा वैज्ञानिक अध्ययन आदि।

97 . परदशाराम वर्मा : जन्म 18 जलाई 1947 रायपुर में, आप हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ा ন समान रूप से लेखन कर रहे हैं।

98 . रघुवीर अग्रवाल ‘पथिक’ : जन्म 4 अगस्त, 1947 को दुर्गे के मोहभट्ा गाँव में, कृतियाँ ड़ु हिन्दी – छत्तीसगढ़ी काव्य संकलन ‘जले रक्त से दीप’, छत्तीसगढ्ी काव्य संग्रह “उजियारा बगरावत चल’ । आप छत्तीसंगढ़ों काव्य में चार पद के ‘चरगोड़िया’ लेखन के लिए प्रसिद्ध हैं ।

99 . संतोष कुमार चौबे : जन्म 1 जुलाई 1948, मारो जिला मुंगेली में, कृतियाँ- छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘ भाग जबर करनी म दिखथे , कहानी संग्रह ‘ डहरचला’ । इन्होंनें कुछ हिन्दी उपन्यास भी लिखे हैं।

100 . डॉ. चित्त रंजन कर : जन्म- 19 जुलाई, 1948, पैंकिन (सराईपाली), कृतियोँ भाषा विज्ञान पर 8, साहित्य समीक्षा/ सम्पादन पर 10 पुस्तके, शोध पत्र 38, समीक्षाएं आदि प्रकाशित हैं । जिसमें से ‘छत्तीसगढ़ के अभिलेखों का नाम वैज्ञानिक अनुशीलन’, “छत्तीसगढ़ के गांधी पं.सुन्दर लाल’, ‘छत्तीसगढ़ की व्याकरणिक कोटियाँ, ‘छत्तीसगढ़ी गजुल और मुकुंद कौशल’, “छत्तीसगढ़ी दान लीला एक समीक्षा’, ‘छत्तीसगढ़ी भाषा- स्वरूप और संभावना’ एवं ‘बोलचाल की छत्तीसगढ़ी’ आदि प्रमुख हैं।

101 . मंगत रविन्द्र : जन्म 4 अप्रैल 1949 जांजगीर तहसील में, इनकी कृतियों में ‘नवरात्रि गीत’, कथा संग्रह ‘ गुल डीढहा’ , प्रभात सागर, कंचन पान, दोहा मुजूषा, सदगुरू चालिसा, सुगंध धारा, चमेली डारा, छत्तीसगढ़ी व्याकरण आदि प्रमुख .

103. लक्ष्मण मस्तुरिया : जन्म-7 जून, 1949 को मस्तुरी (बिलासपुर में); “मोर संग चलव रें, मैं छत्तीसगढिया अंव रे, आदि लोकप्रिय गीतों की रचना। कृतियाँ काव्य संग्रह “हमू बेटा भूंइ्या के, गंवई गंगा, खण्ड काव्य ‘माटी’ ‘सोनाखान के आगी’, निबंध संग्रह ‘ माटी कहे कुम्हार से’ गीत संग्रह घुनही बंसुरिया आदि।

104 . रामेश्वर शर्मों : जन्म बढ़ई पारा रायपुर में 12 मार्च 1950 को, छत्तीसगढ़ी फल्मी में गीत लेखन, एक कविता संग्रह प्रकाशित।

105 . संतराम साहू : जन्म 1 जनवरीं 1951 में भाठापारा में हुआ था। इनकी लगभग 17 किताबें प्रकाशित हैं जिसमें “लोरिक चंदा’, ‘ढोला मारू’, ‘काम कंदला’ राजिम माता’, कहानी संग्रह घुरूवा के आगी, ‘”एक मुठा माटी ‘, कविता संग्रह सिल्हाए सीला’ आदि प्रमुख हैं।

106 . सैयद अय्यूब अली मीर ( मीर अली मीर ) : जन्म 15 मार्च 1953 कबीरधाम में, आप छत्तीसगढ़ी गीतों के प्रसिद्ध सुमधुर कवि हैं। आप अपनी कविता ‘ नंदा जाही का रे’ के नाम से जाने पहचाने जाते हैं । आपकी एक छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह ‘ नंदा जाही का रे’ प्रकाशित है इसके अतिरिक्त आप हिन्दी एवं उर्द में भी लिखते हैं।

107 . रविन्द्र कंचन : जन्म रायगढ़ जिला के घरघोड़ा में 23 मार्च 1953 में, मृत्यु 10 मार्चे 2001, इनकी कविताओं का संग्रह नंदकिशोर तिवारी नें कंचन जइसे बन रे कंचन’ प्रकाशित करवाया हैं।

108 . डा. राम नारायण पटेल : जन्म 1 जून 1955 रायगढ़ में, कृतियों छत्तीसंगढ़ी काव्य सेकलन का संपादन, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक।

109 . डा.पसी लाल यादव : जन्म 9 जूलाई 1955 टिकरी परा गंडई में, दुध मौंगरा lok मंच के निदेशक, कृतियाँ : गीत संकलन ‘प्रेम गीत’, ‘गांधी गीत’, छत्तीसमढ़ी गीत संग्रह ‘ मोर गांव के कोरा’, छत्तीसगढ़ी संस्कार गीत “सुरता के सुतरी’, छत्तीसगढ़ी बाल गीत संग्रह ‘सरग निसेनी’ सहित छत्तीसगढ़ी लोक गाथाओं एवं संस्कृति पर हिन्दी में अनेक ग्रंथ प्रकाशित, छत्तीसगढ़ी लोक गाथाओं के अनुपम संग्रहकतों।

110 . kuशाल यदु : 10 जनवरी 1956 में जन्म, यदू जी नें छत्तीसगढ़ी के कई साहित्यकारों का रचनाओं का संग्रह प्रकाशित कराया है जिनमें हेमनाथ यदु, बनफुलवा, बगरা त, हपट परे त हर गंगा – रंग प्रसाद नामदेव, बद्री विशाल परमांनंद – पिंवरी ইপकी कृतियों में लोकरंग भाग 1. 2, 3, व्यं्य संग्रह ‘घोलघोला बिना मंगलू नई नांचय’ प्रसिद्ध है। নাर भाग आदि, उधो राम झकमार – ररूहा सपनाए दार भात आदि है।

111 . कुबेर : जन्म 16 जून 1956 ग्राम भोढ़िया, राजनांदगांव में । आप शिक्षक हैं एनं आपने प्रसिद्ध अंग्रेजी कहानियों का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद किया है। आपकी कृतियों में व्यंग्य संग्रह “माइक्रो कविता और दसवां रस’, छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘उजाले की नीयत’, छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘कहा नहीं ‘, “छत्तीसगढ़ी कथा कंथली’ आदि चर्चित हैं।

112 . अरूण कुमार निगम: जन्म 04 अगस्त 1956, दुगं में, आप छतीसगढ़ के जनकवि स्व. कोदूराम दलित जी के सुपुत्र हैं। आपने छत्तीसगढ़ी काव्य में छंद प्रयोग कर लोक भाषा के साहित्य का गौरव बढ़ाया है। आपकी छत्तीसगढ़ी कृति ‘छंद के छ’ में कई प्रमुख छंद संग्रहित हैं जिसमें आपने उन छंदों के सैद्धांतिक पक्षों को स्पष्ट किया है। आपकी हिन्दी काव्य संग्रह ‘शब्द गठरिया बाँध , ‘चैत
की चंदनिया’ आदि हैं।

113. हफीज कुरैशी : जन्म 3 मई 1958 में अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा में हुआ, इनकी प्रसिद्ध कृति काव्य संग्रह ‘ अंतस के आगी’ है।

114 . बंधु राजेश्वर राव खरे: इनका जन्म 7 अप्रैल 19s9 खम्हारगुड़ा, तुमगांव जिला महासमुंद में हुआ। आप समाखर पत्रों में ‘गुरतुर चुरपुर’ नाम से स्तंभ लिखते थे। कविता संग्रह “खंतिहा बर खरी अउ बइठांगुर बर बरी’ एवं छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोक कहानियों का संकलन आपकी प्रकाशित छत्तीसगढ़ी कुतियाँ हैं।

115 . रमेश विश्वहार : जन्म 6 जून 1960 ग्राम दैंजा बिलासपुर में, सुमधुर छत्तीसगढ़ा गीत के सर्जक, छंद साधक।

116 . कामेश्वर पाण्डेय : छत्तीसगढ़ के साहित्यकार एवं उनकी रचनाएँ JINKA जन्म 19 जनवरी 1961 में बिलासपुर में हुआ। आप हिन्दी के साथ ही छत्तीसगढ़ी में उत्कृष्ट रचनाओं के लेखक हैं। आपने छत्तीसगढ़ी में सर्वश्रेष्ठ उपन्यास ‘तुहर जाए ले गिंया’ लिखा है इसके अतिरिक्त “जुराव’ भी आपका छत्तीसगढ़ी उपन्यास है। हिन्दी में आपकी ‘बिपत’ नाम से एक उपन्यास एवं कहानी संग्रह प्रकाशित है .

117 . चंद कुमार चंद्राकर : जन्म 23 जनवरी 1962, ग्राम चौरेल जिला दर्ग में । आप छत्तीसगढी भाषा एवं व्यकरण के विद्वान हैं । आपकी कृतियाँ ‘वृहद छत्तीसगढी shब्दकोश’, “छत्तीसगढ़ी कहावतें एवं लोकोक्तियां ‘, ‘छ्तीसगढ़ की वर्तनी’, “छत्तीसगढ़ी मुहावरा कोश’, “मानक छत्तीसगढ़ी व्याकरण’ आदि हैं।

118 . डॉ श्रीमती अनसूया अग्रवाल : आपका जन्म 5 जून 1962 में हुआ, आप महासमुन्द महाविद्यालय में प्राध्यापक हैं। आपने ‘कहावतों की कहानियाँ’, “छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहार’, “छत्तीसगढ़ के लोक साहित्य’ एवं ‘छत्तीसगढ़ी लोकोक्तियाँ एवं जनजीवन’ नामक किताबें लिखी हैं।

119 . नरेन्द्र वर्मा : छत्तीसगढ़ के साहित्यकार ME जन्म 1 जुलाई 1962 भाठापारा में, कृतियाँ – छत्तीसगढ़ी हाईक् “आज के गो’, ‘आनी बानी के गोठ’, इन्होंने छत्तीसगढ़ से संबंधित समस्त प्रकाशित ग्रंथों की जानकारी ‘ थरहा’ में इकत्र किया है।

120 . राम नाथ साह : जन्म 26 मई 1963 ग्राम देवघटा जिला जांजगीरि- चापा में, कृतियोँ – कविता सग्रह ‘राजा मांगत हे सपना के हिंसाब’, नाटक “जागे जागे सुतिहा हो’, उपन्यास ‘कका के घर’, ‘भुइंया’ आदि ।

121 . डॉ. सुर्धीर शर्मा : जन्म-26 दिसम्बर, 1964 रायपुर, कृति- छतीसगढ़ का सांस्कृतिक पुरावैभव (लेखन एवं सम्पादन), छत्तीसगढ़ी व्याकरणिक कोटियाँ, छत्तीसगढ दर्शन आदि। राष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिका ‘शोध -प्रकल्प’ का सम्पादन।

122 . नारायण बरेठ : जन्म 4 मईड1956 अकलतरा जिला जांजगीर- चापा में, छत्तीसगढ़ी हास्य व्यंग्य का प्रतिनिधि संग्रह ‘कागज मं कुवा ।

123 . डॉ. सोमनाथ यादव : जन्म 9 अप्रैल 1968, जूना बिलासपुर में, कृतियाँ छत्तीसगढ़ी हिन्दी शब्दकोश”, ‘छत्तीसगढ़ के लोक संगीत’, “छत्तीसगढ़ की lalak कथायें’ सहित दर्जनो ग्रंथ । इन्होंनें बाल कहानियोँ भी लिखी हैं।

124 . पुराषात्तम अनाशक्त : जन्म 20 फवरी 1935, मृत्यु 8 फ्वरीं 1996, कृतियां कौमी एकता, भूत पुरान आदि।

125 . छत्तीसगढ़ के साहित्यकार हरि ठकर : छत्तीसगढ़ के साहित्यकार एवं उनकी रचनाएँ KA जन्म रायपुर में 16 अगस्त, 1926, मृत्यु 3 दिसम्बर 2001, रायपुर के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी स्व. ठाकुर प्यारेलाल के पुत्र; रचनाएं- ‘सुरता के चंदन’, ‘छत्तीसगढी गीत अड कविता’, ‘छत्तीसगढ़ के रतर’ ‘जय छत्तीसगढ’, ‘सुरता के चंदन ‘, “छत्तीसगढ़ के इतिहास पुरुष : शहीद वीर नारायण सिंह’ (खण्डकाव्य), आदि । छत्तीसगढ शासन द्वारा वर्ष 2001 में पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान इन्हें दिया गया था।

126 . मन्नी लाल कटकवार : जन्म 23 अगस्त 1923, मृत्यु 14 फ्वरी 2004, कृति खण्डकाव्य ‘लीलागर ‘, ‘नगेसर कइना’।

FAQ AWERNES

छत्तीसगढ़ के प्रथम कवि

छत्तीसगढ़ी में भी साहित्यिक लेखन की परम्परा पद्य से ही आरंभ हुई है। कबीर के पट्ट शिष्य धनी धर्मदास को डॉ.नरेन्द्र देव वर्मा छत्तीसगढ़ी का आदि कवि निरूपित करते है ।

छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला साहित्यकार कौन है?

छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला साहित्यकार डॉ निरुपमा शर्मा है जिनकी रचना bundo का सागर उनकी रचना है साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला कवित्री के रूप में भी जाना जाता है .

छत्तीसगढ़ का प्रथम उपन्यास क्या है?

छत्तीसगढ़ का प्रथम उपन्यास रविशंकर शुक्ल द्वारा रचित उपन्यास दियना की anjor को छत्तीसगढ़ का प्रथम उपन्यास माना गया है जो सन 1964 में प्रकाशित हुई .

छत्तीसगढ़ी की प्रथम कहानी कौन सी है?

छत्तीसगढ़ की प्रथम कहानी बंशीधर पांडे द्वारा रचितहिरू के कहनिज (1926) को माना जाता है .

प्रथम छत्तीसगढ़ी एकांकी

पंडित लोचन प्रसाद पांडे द्वारा लिखित कलिकाल (1905) को छत्तीसगढ़ी के प्रथम नाटककार या एकांकी माना जाता है .

धान के कटोरा के रचयिता कौन है?

धान के कटोरा के रचयिता डॉक्टर विनय पाठक जी ने रचना की है .

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