गरुड़ पुराण के अनुसार 11 कर्मों का फल | Garud Puran karmo ka fal

मित्रों आप तो जानते ही हैं जो मनुष्य जैसा कर्म करता है वैसा ही पर हो पाता है हिंदू क्या आप जानते हैं हम मनुष्य द्वारा किए गए कुछ कर्म ऐसे होते हैं जो मरने के बाद भी हमारा पीछा नहीं छोड़ते हैं और यह कर्म ही हमारा अगला जन्म भी निर्धारित करते हैं गरुड़ पुराण हमें विस्तार से जानकारी प्रदान करता है और आज हम आपको बताएंगे गरुड़ पुराण के अनुसार 11 ऐसे कर्मो के बारे में जिससे मनुष्य पशुओ के योनिया प्राप्त करता है ।

गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल || Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

1 . मित्र से छल करने पर – Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

मित्रों इस संसार में मित्रता का रिश्ता बड़ा ही अनूठा होता है । कहते हैं कि एक सच्चा मित्र समय आने पर अपने प्राण की बलि भी दे सकता है किंतु दोस्तों जब कोई व्यक्ति अपने ही सच्चे मित्र को छल करेंगे या फिर ठगने तो इसके बारे में गरुड़ पुराण में बड़े ही विस्तार के साथ में हैं । गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल में बताया गया है जब कोई व्यक्ति अपनी मित्र को छल या कपट करता है उसे नर्क तो जाना ही पड़ता है । साथ ही उसका अगला जन्म जो होता है वह एक गिद्ध के रूप में होता है । पशुओं की सड़क लामा करके अपना जीवन व्यतीत करता है ।

2 . धर्म का अपमान करने पर – Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

दोस्तों ऐसे दुनिया में कई ऐसे लोग हैं जो अपने धर्म का और दूसरे धर्म का भी बड़े ही सामान भाव , ह्रदय से सम्मान करते हैं । और इसके ठीक विपरीत दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो अपने धर्म को अच्छा बताते हैं और दूसरे के धर्म को वह पूरे करें और उस धर्म का अपमान करते हैं । ऐसे लोग पुराणों में कही गई बातों पर विश्वास नहीं करते हैं अपने अल्प बुद्धि का परिचय देते हैं । ऐसे लोगों के संदर्भ में गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल कहा गया है इन्हें नर्क की प्राप्ति होती है साथ ही उन्हें अगले जन्म में कुत्ता के रूप में होगा ।

और यही अपने अगले जन्म में कुत्तों के रूप में इस गली से उस गली में भौकते रहेंगे । कहां पर हो ना ही कोई सुनेगा ना ही कोई इनकी बातों पर प्रकार की प्रतिक्रिया व्यक्त करेगा लेकिन वहां जाने पर सुनेगा और ना ही इनकी बातों को कोई ध्यान देगा इस प्रकार से इनको अगले जन्म में कर्म की प्राप्ति होती है ।


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3 . अपने का अनादर करने पर – Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

इस संसार में किसी भी मनुष्य का जीवन बिना परिजनों की सहायता के संभव नहीं है और इसमें माता पिता गुरु की तो बात ही नहीं की जा सकती है क्योंकि आपको तो पता ही है कि किसी मनुष्य को शिखर पर पहुंचाने का कार्य करता है । किंतु ऐसे लोगों को कोई अपमानित करता है , उसकी अवहेलना करता है , उसका अनादर करता है तथा अपने गुरु और अन्य लोगों के साथ में बुरा बर्ताव करता है वह मृत्यु प्राप्त होने के बाद में पुनर्जन्म तो लेता है किंतु गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल के अनुसार वह गर्भ से कभी बाहर नहीं निकल आता है अर्थात गर्भ में ही रहकर ही उनकी मृत्यु हो जाती है ।

4 . ज्ञान को ना बांटने वाला- Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

आप सभी को तो पता ही होगा हमारी सनातन संस्कृति में ब्राह्मण का कितना अधिक उचित स्थान है । संसार के प्रत्येक ब्राह्मणों का कर्तव्य है जो कोई व्यक्ति या या याचक ब्राह्मण से उनकी दान दक्षिणा तो नहीं कर सकते लेकिन ब्राह्मणों को चाहिए कि उन्हें अपने ज्ञान को उन्हें देना चाहिए

लेकिन दोस्तों ब्राह्मण यदि किसी भी व्यक्ति को अपना ध्यान नहीं देता है तो वह अपने इस जन्म में अपने ही प्रसिद्धि को कम करता है साथ ही जब उसकी मृत्यु हो जाती है तब मृत्यु के बाद उसे पुनर्जन्म में उसे बैल बंद करके इस पृथ्वी पर जन्म लेना होगा गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल के अनुसार उसे अपने इस कृत्य पर पश्चाताप होता रहेगा ।


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5 . चालाकी करने वाला – Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

दोस्तों आप देखते होंगे कि इस संसार में कई ऐसे भी लोग देखने को मिलते हैं जो किसी को बिना को परेशान करें और अपने मेहनत के बल पर सभी लोगों का दिल जीत लेते हैं और इस दुनिया में ऐसे भी लोग आपको देखने को मिलेगा जो आपके साथ बेईमानी करके, आपको धोखा दे कर के , आपके साथ चालाकी करते है । लेकिन उनको यह नहीं पता होता कि वह अपने कर्म को कर तो रहा है लेकिन कहीं दूर बैठकर के भगवान उस पर नजर लगा बैठे हैं ।

ऐसे लोगों के संदर्भ में गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल में कहा गया है कि ऐसे लोग जिंदगी भर ऐसे ही अपना काम करते रहते हैं और जब इनकी मृत्यु हो जाती हैं तब इन्हें अगले जन्म में उल्लू जन्म की प्राप्ति होती है और और वह अपने चला कि के कारण उल्लू बन कर ही जीवन भर पश्चाताप करते रहते हैं ।


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6 . अपमान करने वाली – Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

सभी पुत्रों का कर्तव्य होता है कि वह अपने माता पिता अपने परिजनों का उचित रूप से ख्याल रखें उनके उसी प्रकार से एक बहू का भी कर्तव्य होता है कि वह अपने माता पिता, सास और ससुर परिजन और अन्य घर के सदस्यों का ख्याल रखें उसका सम्मान करें परंतु इसके विपरीत ऐसी स्त्रियां या बहुएं जो घर के सदस्यों का अपमान करते हैं ,

अपने सास और ससुर का अपमान करते हैं , परिवार जनों का अपमान करते हैं ऐसे ही स्त्रियों को गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल के अनुसार कहा गया है कि इसे अगले जन्म में रक्त पीने वाली जू अथवा जोक के रूप में उन्हें अगले जन्म के रूप में प्राप्त होती है।

7 . अनाज का घोटालेबाज – Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

सनातन धर्म में अनाज के दान को सभी दानों से उचित और अधिक महत्व दिया गया है । जो कोई भी व्यक्ति चाहे वह नर हो चाहे वह पुरुषों अनाज को दान करता है वह व्यक्ति स्वर्ग की प्राप्ति करता है और जीवन भर उन्हें सम्मान की प्राप्ति होती रहती है । इसी कारण से हमारे सनातन धर्म में प्रीतिभोज का आयोजन करके अनाज का दान करते हैं ।

किंतु दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो किसी भी व्यक्ति को ना तो अनाज दान करते हैं और ना ही उन्हें दूसरे को दान देने के लिए प्रोत्साहित करते बल्कि उन्हें अपने घर से दान देने के लिए बाहर अपमानित करके वापस कर देते हैं ऐसे लोगों को गरुड़ पुराण में कहा गया है इनका अगला जन्म चूहे अथवा छछूंदर के रूप में इनका अगला जन्म हुआ और फिर यह अगले जन्म में अनाज के दाने दाने के लिए तरसेंगे और इसी से इनकी अगले जन्म की मुक्ति होगी ।


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8 . गाली गलौच देने वाले – Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal

आप सभी को तो पता ही होगा कि मनुष्य के कंठ में मां सरस्वती के स्वर है इसीलिए हमारे वाणी , हमारी बोली का अधिक महत्व अधिक महत्व है शास्त्रों में बताया गया है कि मनुष्य को अपनी वाणी से कभी भी ऐसे कठोर वचन या किसी व्यक्ति को बिना किसी कारण से गाली नहीं देनी चाहिए जिससे किसी भी व्यक्ति को आहात करे ।

यदि ऐसे कोई व्यक्ति जो दूसरे को गाली दे , उनका अपमान करें  , उन्हें अपने वाणी से अपशब्द कहे तो ऐसे व्यक्ति Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal  में जीवन भर उन्हें अपमानित होकर के रहना पड़ता है और घुटन भरी जिंदगी जीना पड़ता है और के अनुसार ऐसे व्यक्ति को अगले जन्म में बकरी के रूप में जन्म लेते हैं ।

9 . कुदृष्टि वाले  –

इस दुनिया में ऐसे भी लोग हैं जो स्त्रियों को देवी के रूप में देखते हैं उनके देखने का नजरिया ही कुछ अलग होता है । कई सारे पुस्तकों में स्त्री के बारे में अच्छी बातें लिखी गई हैं इस कारण से इन्हें देवी का रूप माना गया है । और इस दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो स्त्रियों को देखते ही उनके मन में उनके वासना युक्त भाव उत्पन्न होने लगते हैं , और भी उनके बारे में तरह-तरह के अश्लील सोचने लगते हैं ।

ऐसे व्यक्तियों को Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka फल में ऐसे व्यक्तियों के बारे में कहा गया है कि इसी व्यक्ति जिंदगी भर ऐसे ही और कभी कामयाब नहीं होते ।, जिंदगी में पीछे ही रहते हैं । कभी आगे नहीं पढ़ पाते हैं और जब ऐसे लोगों की मृत्यु होती है तो उन्हें पुनर्जन्म के रूप में गधे के रूप में जन्म लेना पड़ता है । और अगले जन्म में एक गधे के रूप में किसी भी स्त्री के ऊपर अश्लील दृष्टि नहीं डाल सकते और उन्हें अगले जन्म में कोई भी नहीं भाते हैं ।


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10 . पति से छल करने वाली –

दोस्तों समाज में कई ऐसे भी स्त्रियां हैं जो अपने पति के सिवा किसी और पर पुरुष पर नजर नहीं लगाती है बे अपने पति को ही स्वर्ग का रास्ता मानते हैं जिससे उनका समाज में और सम्मान बढ़ जाता है । ठीक इसके विपरीत हमारे समाज में ऐसे भी स्त्रियां है जो पति से छल करती हैं और अपनी शादी होने के बाद भी पर पुरुष पर आकर्षित होते हैं ऐसी स्त्रियों के बारे में Garud Puran Ke Anusar Karmo Ka Fal में कहा गया है कि ऐसी स्त्रियां समाज में एक धब्बा के रूप में काम करती है

और उन्हें समाज में बार-बार अवहेलना का सामना करना पड़ता है और जब इनकी मृत्यु हो जाती है तब इन्हें पुनर्जन्म के रूप में अपने कर्मों फलों के रूप में छिपकली अथवा चमगादड़ के रूप में इन्हें अगले जन्म की प्राप्ति होती हैं ।

11 . जहर खाकर मरने वाले

जो व्यक्ति जहर खाकर के इस मृत्युलोक में मृत हो जाते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल के अनुसार ऐसे लोगों को पुनर्जन्म के रूप में अपने कर्म फल के कारण उन्हें अगले जन्म में सर्प की योनि प्राप्त होती है जिससे वह किसी भी मनुष्य को हानि पहुंचाने की भी नहीं सोच पाते हैं ।

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