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9+सफल बनाने Motivational Story For Students In Hindi

आज हम आपको कुछ ऐसे Hindi Motivational Story For Students बताने वाले जो आपके जिंदगी के उन सभी पहलुओं , उन सभी परेशानियों Motivational Story In Hindi For Depression से आपको पूरी तरीके से आपको आजाद दिला देगा ।

वास्तव में जो हम सोचते है , जो हम करते है , और करने के बाद में जो रिजल्ट हमें दिखाई देता है वह हमारे आप को अंदर से इतना झांगझोर कर के रख देता है की हम अंदर से बहुत ही ज्यादा टूट जाते है । जब अंदर से हम पूरी तरीके से टूटू जाते है तो उसे मोटीवेट करने के Motivational Story Hindi ही काम आती है और हमेशा की तरह ही ये Motivational Story In Hindi For Success ही काम आई है ।

सफल बनाने वाली कहानियां 

जो हमें जिंदगी में हर समय Time Motivational Story In Hindi करने का करती है । चाहे वह Miss School Life In Hindi हो , चाहे वह Blog Example , Parsnal Life Story  , चाहे वह हमारी short stories about family relationships क्यों हो हमारे हर जगह में हमारे साथ में होता है ये Motivational Story For Students In Hindi .

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तो चलिए दोस्तों ज्यादा देरी न करते हुए सीधे शुरू करते है को ।

1 . कीमत पैसो की नहीं कीमत विश्वास की होती है 

दोस्तों आज हम आपको एक सच्ची घटना की Hindi Motivational Story For Students बताने वाले है । आइये जानते है इस Motivational Story In Hindi For Students को । 

ये Hindi Motivational Stories For Students है गरीब परिवार के आदमी की है जो आँध्रप्रदेश के एक जिले में ( काकीनाडा बीच ) के आसपास रहते थे । घर में अपनी पत्नी और अपनी दो बेटियों के साथ में रहते थे । परिवार छोटा था । ये व्यक्ति परिवार को चलाने के लिए समुद्र तट (काकीनाडा बीच ) में मुगफली बेचने का काम करते थे । मूंगफली बेचकर ही अपने परिवार का , अपना पेट , रोजीरोटी चलाते थे । ये उनका डेली का काम था । रोज समुद्र तट में जाके लोगो को मूंगफली बेचते थे । उन्ही से अपना पेट पालते थे ।  

एक दिन की बात है वह व्यक्ति रोज की तरह मूंगफली बेचने के लिए समुद्र के किनारे आये हुए थे । उस दिन उनके पास में एक व्यक्ति आता है । उनके साथ में उनके दो बच्चे भी थे । एक बेटा और बेटी के साथ में मुगफली खरीदने के लिए आये इस व्यक्ति के पास आये । उन्होंने उस मुगफली खरीदने वाले व्यक्ति से 10 रूपये के मूंगफली ख़रीदता है । जब वह पैसे देने के लिए अपने हाथ को जेब में डालता है तो उसके जेब खाली थे । वह अपना पर्स घर में भूल गया था । उन्हें बड़ा अफसोस हुआ की उनके पास देने के लिए पैसे नहीं थे ।

उस मूंगफली बेचने वाले ने उसकी परेशानी को समझते हुए उसे 10 रूपये के मूंगफली दे दिया । ये सोचकर की आज नहीं तो कल विश्वास के साथ पैसे लौटा देंगे । उनके बच्चे और वे उनके पिता मुगफली खाके चले गए । उनके बच्चो ने उनका फोटो खींच लिया ताकि उस व्यक्ति की पहचान कर सके और उसे उसके 10 रूपये को लौटा सके ।

उस मूंगफली बेचने वाले को नहीं पता था की वे जो उन्हें 10 रूपये के मुगफली दिए थे वे अमेरिका के रहने वाले थे जो भारत घूमने के लिए आये थे । कुछ समय बाद में उनके परिवार वाले अमेरिका में शिफ्ट हो गए । उस व्यक्ति को याद था की उन्हें 10 रूपये मुगफली के लौटने है ।

एक साल नहीं , दो साल नहीं , पुरे 10 साल बाद जब उनके परिवार वाले इंडिया आये तो उन्होंने उस मुगफली वाले के 10 रूपये उन्हें याद था । उनके बेटी और बेटे ने मिलकर के वे उस मूंगफली बेचने वाले को ढूंढ़ने के लिए समुद्र के किनारे गए लेकिन उन्हें वह नहीं मिला । तो उन्होंने आसपास के लोगो को पूछा , उनके फोटो दिखाए तो उन्हें उस मूंगफली बेचने वाले के बारे में कुछ भी नहीं पता था ।

उन्होंने वंहा के विधायक की मदद से उनकी फोटो की सहारे ढूंढ़ना शुरू किया . काफी लबे समय मस्सकत के बाद में उनकी पहचान हो पाई । जब वह विधायक के साथ में उनके घर में पंहुचा तो उन्होंने देखा की उनका सब कुछ बदल गया है । उसके घर में दो बेटिया थी माँ था लेकिन घर में परिवार का पालनपोषण करने वाले कोई नहीं थे । उनके कुछ साल पहले ही स्वर्गवास हो गयी थी । उनके गुजरने के बाद में उनकी घर का खर्च उनकी माँ ही चला रही थी । ये सब सुनके उन विदेशी परिवार को बड़ा दुःख हुआ ।

विदेशी परिवार वालो ने उस व्यक्ति के विश्वास को रखते हुए उसे 10 रूपये की जगह पर 25 हजार रूपये उसकी पत्नी को दिए और अपनी विश्वास , ईमानदारी को बनाये रखा । उनकी पत्नी को ये सब पता नहीं था वह बहुत ही अचंभित थे । उन्हें कुछ नहीं पता था की उनके साथ क्या हो गया है । 

 Inspirational Of The Story  दोस्तों ये छोटी सी हमें जिंदगी की बहुत बड़ी से बड़ी बात को सीखा जाती है । पहला सिख hindi Motivational Stories For Students हमें किसी भी गरीब व्यक्ति के ईमानदारी और विश्वास से बढ़कर के कोई चीज नहीं होता । भले वह एक समय के रोटी कम खाये लेकिन दूसरे व्यक्ति को कभी भूखा घर से जाने नहीं देता है । कपड़ो से किसी भी व्यक्ति को जज नहीं किया जा सकता इसलिए दोस्तों हमें किसी भी गरीब व्यक्ति के विश्वास और भरोषा को कभी भी नहीं तोडना चाहिए ।

दूसरी सिख Motivational Stories For Students In Hindi यह मिलती है की जिंदगी में हमेशा ईमानदारी के साथ में काम करते रहना चाहिए । जैसा की इस Motivational Story In Hindi For Success में हुआ मूंगफली बेचने वाले के पैसे को बड़े ईमानदारी के साथ में लौटाया भले ही देर हुआ लेकिन कभी उस गरीब परिवार के लिए अंधेर होने नहीं दिया । दोतो भगवन के घर में देर जरूर है लेकिन उनके घर में अंदर नहीं इसलिए ईमानदारी के साथ में काम करते जाइये ।


दोस्तों ये छोटी सी Motivational Story For Students In Hindi आपको कैसे लगी । और आप इस Motivational Story In Hindi For Depression से क्या सीखा उसे भी कमेंट कर के बताये ।

दोस्तों आपको इस True Motivational Stories In Hindi को अपने दोस्तों के पास में , रिलेशन के पास में , फैमली में ज्यादा से ज्यादा से मात्रा में इस को जरूर शेयर करे । और आपने इस Motivational Story Hindi से आपने क्या सीखा इसे भी हमें  कमेंट कर के बताये ।


2 . झूठ की कमाई और सच की कमाई 

दोस्तों आज हम आपको ईमानदारी से कमाया हुआ और झूठ बोलकर के कमाया गया पैसा से क्या फर्क पड़ता है कैसे हमारे जिंदगी में परिवर्तन दिखाई देता इस विषय में छोटे से Motivational Story Hindi के माद्यम से समझने वाले है । 

दोस्तों ये है एक बड़े से शहर के एक मध्यम परिवार के 35-40 साल की व्यक्ति की है । उसके परिवार वाले पहले उनके दादा होटल में लोगो को रोटीचावल खिलाने का काम करते थे , उसके बाद उसके पिता जी रोटी , चावल , दाल बनाकर के लोगो को खिलाते थे जब उसके लड़के जिसकी उम्र 35-40 साल के बीच है वे अब ढेले में चावल , रोटी और दाल लोगो को खिलाते थे ।

ये उनका परम्परा चली आ रही थी होटल से सारे परिवार के लोगो का भरणपोषण और उन्ही पैसो से उनके छोटेछोटे बच्चो के स्कूल फीस भी भरते थे । मतलब इस होटल की कमाई से पूरा घर टिका हुआ था ।

ये व्यक्ति रोज ढेले लेकर के शहर के चौराह में जाकर के बेचते थे । ये उनका रोजाना का काम था । रोज सुबह 9 बजे आते और शाम तक अपने होटल में लोगो को खाना खिलाते और चले जाते ।

पहले दोतीन साल पहले जब वह लोगो को अपने ढेले में खाना खिलता था तो बहुत झूठ बोलता था । यदि कोई नए ग्राहक उनकी होटल में आ जाये तो उन्हें बहुत झूठ बोलकर के अपने खाना को उसे दे देता था । लोग पूछते गर्म खाना है तो बोलते गरम है लेकिन वह खाना पुरे ठण्ड हो चुके होते थे ।

यदि थोड़े बहुत सब्जी कम हो जाते थे उसमे पानी डाल कर के उसे नया बना देते । दाल कम तो उसमे भी पानी मिलाते  , सुबह का बचे हुए खाना को शाम तक रखते , यदि थोड़ा सा ख़राब होने लगता तो फिर से उसे गर्म करके लोगो को खिलाते थे । ऐसा करतकरते अपना होटल चलते थे । लोग आते खानाखाते और पैसे देके चले जाते ।

रोज उनकी कमाई हजार रुपये के आसपास पहुंच जाता था , वह व्यक्ति बहुत ही खुश होकर के अपनी घर जाता और सारे पैसे को अपने माँ देता और बताता मैंने आज ये किया , मैंने आज उतना कमाई किया । आज दाल कम हो गया था तो उमसे मैंने ये मिलाया । अपने सारे काले करतूतों को अपनी माँ को बतलाता ।

उनकी माँ उसे रोज गाली देता , उसे रोज डांटफटकार लगाता , उसे ऐसा करने से मना करती थी । जब भी वह अपने ढेले लेकर के घर से निकलते थे तो उन्हें एक बात बता देते की बेटा ऐसा काम मत करना लेकिन व्यक्ति अपनी माँ के बात को नजरअंदाज कर देता ।

और कहता यदि माँ मै ऐसा नहीं करूँगा तो ज्यादा पैसे नहीं कमा पाउँगा , मेरा धंधा बंद हो जायेगा । आज कल ईमानदारी का जमाना नहीं है , बेईमानी करने वाले लोग बहुत पैसे वाले होते है उनके पास कोई कमी नहीं होते । मै तो बहुत कम ये काम करता हु ।

ये बोलकर के वंहा से ढेले लेकर के चले जाते थे ।

ऐसा करते करते उन्हें 2 से 3 माह बीत गए । सा ठीक चल रहा था । 4 माह अब उनके छोटी बेटी की तबियत ख़राब होने लगे थे । सफ्ताह में एक न एक दिन उसे डॉक्टर के पास ले जाते थे फिर भी उनका बेटी का तबियत में कोई सुधार नहीं होता था । यदि सुधार हो भी जाते तो घर के दूसरे बच्चे को कुछ हो जाता । यदि बच्चे ठीक हो जाते तो उनकी माँ का तबियत ख़राब हो जाता । इस तरह से एक न एक व्यक्ति का प्रतिमाह तबियत ख़राब हो जाता था ।

उनके आधे कमाई उनके परिवार , बच्चे , डॉक्टर के खर्च में चले जाते थे । कुल मिलाकर के घर में किसी भी प्रकार की शांति नहीं । पैसे खूब थे कमाने लगे थे लेकिन उनके परिवार की शांति पुरे तरह से ख़त्म हो गया था । घर में कलह होने लगे थे ।

जितने सालो तक उन्होंने होटल में झूठ बोलकर के लोगो को खाना खिलाते थे उतने सालो तक परिवार में किसी न किसी का तबियत बिलकुल खराब हो जाता था ।

ऐसे करते करते उनके माता जी तबियत ख़राब हो जाती , लम्बे समय तक बीमार होने के कारण और वृद्ध होने के कारण उनके माता जी का स्वर्गवास हो गया ।

उसके बाद से उनके सब कुछ बदल गया । उनके ऊपर पुरे घर की जिम्मेदारी आ गया । उन्हें लगता था यदि घर में रहता तो अच्छा था उसे सलाह देने वाला कोई नहीं है , उसे रोकने वाला कोई नहीं है ।  व्यक्ति अपने आप को बहुत ज्यादा कोशने लगा मैंने अपने माँ को नहीं बचा पाया । कई बार तो वह व्यक्ति अपने ढेले में बहुत ही ज्यादा रोता था । ग्राहक के सामने अपने माँ के बारे में बताते हुए उनके आँखों से आँशु निकलने लगते थे ।

एक माह बीतने के बाद में उनकी माँ की कहा गया बातें याद आता है । वह उसके बाद ठान लेता आज के बाद वह कभी भी मिलावट , झूठ बोलकर के अपने होटल के सामने को बेचेगा नहीं चाहे कमाई हो या न हो । उसके बाद में उस दिन से उसने ईमानदारी के साथ में लोगो को कहकर के खाना खिलाना शुरू कर दिए ।

कुछ दिन बाद में उनके पास का भी कम लोग आने लगे थे उनके कमाई भी कम होने लगे थे । उसने धीरे-धीरे करके पुरे ईमानदारी के साथ में लोगो को खाना खिलाते । यदि खाना बच भी जाता था तो उस बचे हुए खाना को गाय , बैल को खिला देते थे । वो अब ज्यादा कमाने का लालच नहीं करने लगे , वे अब जितना कमाते थे उतने में ही खुश हो जाते थे ।

अब उनकी दिनभर की कमाई 4 सौ – 5 सौ रूपये तक ही जा पाता था । इतने में ही वे अपने आप को बहुत ही संतुस्ट कर लेते थे । इस माह में ईमानदारी के कमाई के बाद में उनसे बेटी जिसकी पहले बहुत ही ज्यादा

तबियत ख़राब होती थी अब उनका तबियत ठीक होने लगे थे । कुछ समय बाद में उनके परिवार में किसी को कोई परेशानी , किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं था । अब उनके परिवार पुरे हंसी खुसी के साथ में ईमानदारी के साथ में कम कमाई से बहुत ही ज्यादा खुश थे ।

वह व्यक्ति अपने माँ को जब भी याद करता उनके आँखों में आँशु निकल आते थे और अपने आप को मन ही मन बहुत ही कोसते थे की काश मै अपने माँ के बात को मान लेता तो आज उनकी माँ जिन्दा होती हमारे साथ में ख़ुशी के दो पल बिता बातें लेकिन नियति को कंहा मंजूर था ।

भगवान जो भी करता है अच्छे के लिए ही करता है । जो भी होता है अच्छे के लिए होता है । देर सही लेकिन अच्छा सही ।

 INSPIRATIONAL STORY  दोस्तों ये छोटी सी Motivational Story Hindi हमें जिंदगी में कुछ सीखा जाता है । ईमानदारी के 1 रूपये की कमाई बेईमानी के 1 हजार से कंही ज्यादा अधिक है । जिसकी कीमत समय आने के बाद ही दिखाई देता है । जो इस Motivational Story In Hindi For Success में दिखाई दिया है । इसलिए हमें हमेशा ईमानदारी के साथ में काम करना चाहिए । भले ही वे पैसा कम क्यों न हो ।

दूसरी सिख Time Motivational Story In Hindi हमें हमेशा अपने से बड़े व्यक्ति की सही सलाह को जरूर मानना चाहिए । क्योकि वे हमेशे बड़े है और वे जो भी बताते है अपने उन्ही अनुभव को बतलाते है जो उनके साथ में घुट चूका है इस Real Life Inspirational Stories In Hindi में भी यही बताया गया है उसके माँ ने उन्हें बहुत ही ज्यादा समझाने की कोशिश की लेकिन वह व्यक्ति नहीं माना और अंत में उनके माँ के चले जाने के बाद में उन्हें समझ में आया । यही हमारे साथ भी होता है । इसलिए हमेश बुजुर्ग व्यक्ति के सही सलाह हो मानना चाहिए ।


दोस्तों ये छोटी सी Motivational Story For Students In Hindi आपको कैसे लगी । और आप इस Motivational Story In Hindi For Depression से क्या सीखा उसे भी कमेंट कर के बताये ।

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3 .बाप अपने बेटे को बनाता है और बिगड़ता भी है

ये Hindi Motivational Story For Students कालेज की घटनाक्रम पर आधारित hindi motivational stories for students है । जंहा पर दो लड़को village boy hindi story के बारे में उसे आने वाले भविस्य और वर्तमान के भविष्य के बारे में बताया गया है । तो आइये इस motivational stories for students in hindi को शुरुआत करते है

 एक लड़का गरीब परिवार का है दूसरा लड़का बड़े घर जिसके घर में किसी भी प्रकार के कमी नहीं थे । गरीब घर के लड़के एक अपना 1-एकड़ का खेत था जंहा से साल भर का चावल ही निकल पाते थे बाकि के खर्चे रोजी मजदूरी करके करते थे ।

12 वी के रिजल्ट आने के बाद में सभी अपने सभी आगे की पढाई करने के लिए कंही न कंही जरूर जाते है ।  वैसे ही बहुत सारे लड़केलड़किया ही एड्मिसन के लिए जाते है । गरीब घर के लड़के और बड़े घर के लड़के भी आगे पढ़ने के कालेज में एडमिशन के लिए जाते है । दोनों लड़को का एड्मिसन एक ही कालेज में हो जाता है ।

एड्मिसन के कुछ समय बाद में कालेज का रेगुलर क्लास शुरू होता है । वंहा उस कालेज में 200 से अधिक छात्र और छात्राये एक साथ बैठ कर के पढाई करते थे । वंहा भी दोनों लड़के रेगुलर क्लास अटेंड करते ।

गरीब घर का लड़का सायकिल से 5 किलोमीटर शुबह 9 बजे खाना खा के निकलता था । छोटे से टिफिन में दोपहर के चावल और सब्जी ले के जाता था । शाम को थका मांझा घर आता था । उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कोई अच्छा सा जूता खरीद ले अपने पुराने चप्पल को पहन कर और दोतीन साल पुराने कपडे को पहन कर के कॉलेज story जाता था । कपडे ऐसे था की उनके दो बटन के रंग अलग रहते थे । कंहीकंही पे सुईधागा से सिलाई किया हुआ ।

बड़े घर का लड़का शहर में ही रहता था । अपने बाइक में सवार हो अपने साथ में 2 दोस्तों के साथ में पैसे उड़ाते हुए कालेज आता । एक कपडे के 6 माह के बाद में फेंक देता । जुटे , चश्मे उनके लिए आम बात था । हालांकि पढ़ने में बहुत अच्छा था । रास्ते में कई रूपये होटलो में उड़ा देते ।

गरीब घर के लड़के के बहुत ही ज्यादा खुशी के बात था की उनके घर में कोई कॉलेज नहीं गया था और न ही घर में कोई पड़ा लिखा हुआ कोई आदमी था इसलिए उनके परिवार वाले बहुत ही ज्यादा खुश थे । भले उनके पास पहनने के लिए कपडे न हो ।

200 से अधिक छात्रछात्राओं का बड़ा बड़ा क्लास था । सभी बच्चे अलगअलग गांव से , शहरो से आये हुए थे । यंहा न किसी का अच्छे से पहचान था न ही किसी से दोस्ती था । ऐसे करतेकरते दोनों फस्ट ईयर , सेकण्ड ईयर , और फाइनल को कैसे भी करके दोनों लड़के निकल लेते है ।

कालेज में छात्रछात्रों की संख्या बहुत ज्यादा थे तो तीन साल में मात्रा उनका नाम और चेहरा को अच्छी तरीके से पहचान पाते थे लेकिन कभी भी दोनों लड़के आमने-सामने बात नहीं करे थे । उन्हें दोनों को सभी का चेहरा अच्छी तरह से याद था । हालांकि की इन दोनों बहुत सारे दोस्त थे लेकिन ये दोनों आमिर लड़के और गरीब लड़के की बात है ।

एक दिन की बात है बड़े घर के व्यक्ति अपने बाइक के कंही जा रहा था और अचानक से गांव के बीचोबीच में उसके बाइक ख़राब हो गया । वह व्यक्ति अपने बाइक को ढकेलते हुए एक बड़े से रिपेयरिंग सेंटर में ले जाता है । जंहा पर 5-6 लोग बहुत सारे मोटर सायकिल , गाड़ियों को सुधार रहे थे ।

व्यक्ति बाइक को खड़ा करके उसके बनने का बैठकर इंतजार करने लगा । पास में पेपर थे उसे उठाकर देखने लगा ।

अंदर से कोई सजलासाँवला लड़का  ( जिसकी उम्र 25-26 की होगी ) निकलता है । आते ही पूछता है क्या खराबी है ?

कोई जवाब है ।

दूसरी बार भी लड़का पूछता है क्या खराबी है ?

बड़े घर का व्यक्ति उसकी तरफ बिना देखे ही कहता है रस्ते में ही अपने आप बंद हो गया । व्यक्ति पेपर को हटाकर के देखता है और देखते ही उनकी कुछ पुरानी बात याद आने लगता है । वो अब अपने 22 साल पुरानी बातो को याद करने की कोशिश करता है । अचानक से उसकी चेहरे याद आता है और कुछ देर नाम याद करने की कोशिश करता है । अचानक से उसे नाम याद आता है ।

व्यक्ति वंहा से उठकर कर के उस बाइक सजला साँवला लड़का के पास जाता है । उनके मन में पूछने उतावल हो रहा था । व्यक्ति लड़का से कहता है ( एक नाम बताते हुए ) – क्या तुम इसे जानते हो ?

लड़का है वह मेरे पिता जी का नाम है ।

लड़का अपने पिता जी को बुलाने के लिए अंदर चला जाता है ।

अपने पिता के साथ में लड़का आता है । उनके पिता तुरंत उसे पहचान जाता है उसे उसका नाम पूरा याद था ।

बड़े घर के व्यक्ति और सजलेसावले वाले लड़के के पिता जी एक साथ दोनों गले मिल जाते है । दोनों दूसरे को अच्छे से देखने लगते है ।

सजला साँवला लड़का चरण छूकर के आशीर्वाद लेता है ।

दोस्तों लड़के है जिनका जिक्र मैंने कालेज के दौरान पढाई में किया था । आज वे दोनों 22 साल बाद फिर एक बार मिल रहे है । आज वे दोनों लड़के से व्यक्ति में बदल गए है । चेहरे में थोड़े से परिवर्तन जरूर हुए है लेकिन दोनों एक दूसरे को आसानी से पहचान रहे थे ।

व्यक्ति को घर के अंदर ले जाता है । घर में उनकी बहु लोटे में पानी लेकर के आता है और चरण छूकर के आशीर्वाद लेता है । ( लोटे में पानी देना गांव की एक परम्परा है जब भी कोई मेहमान घर आता है तो उसकी मेहमान नवाजी के लिए सम्मान के लिए किया जाता है । ) उनका छोटे से बेटी भी आकर के उसके पैर छूकर के आशीर्वाद लेता है ।

बातो ही बातो में दोनों घुल मिल जाते है । नास्ताचायपानी पिने के बाद में । सजलासाँवला लड़का के पिता जी तुम मेरे लड़के को पहचान कैसे पाए ?

बड़े व्यक्ति उनके चेहरे और तुम्हारे चेहरे सामान है कोई भी देखर ये बता देगा की ये तुम्हारा लड़का है ।

बातो में ही बड़े व्यक्ति पूछता है इतना बड़ा 2 मंजिल का घर , 5-6 काम करने वाले , बड़ा सा रिपेयरिंग का दुकान ये सब कैसे किया तुमने ।  पहले तो तुह्मरे पास पहनने के कपडे नहीं थे, सायकिल में कालेज जाते थे । आज ये सब , गाड़ी मोटर , बंगला नौकर चाकर कैसे हुआ कैसे किया तुम्हे ।

गरीब व्यक्ति ( वर्तमान में सजला साँवला लड़का के पिता जी ) कहता है आज मेरे पास जो कुछ भी है ये मेरे पिता जी के संस्कार के कारण हो सका है । आज मै जो भी हु उनके दिए हुए संस्कार के कारण की संभव हो सका है ।

बड़े व्यक्ति ये कैसे , संस्कार के कारण कैसे बड़े आदमी बने हो ?

गरीब व्यक्ति ( वर्तमान में सजला साँवला लड़का के पिता जी ) कहता है मेरे पिता जी ने मुझे ये कभी नहीं सिखाया है कभी भी बेवजह पैसे को बर्बाद मत करना । जब मै कॉलेज जाता था तो मेरे पिता जी मुझे हर सफ्ताह 40 रूपये देते थे वो भी खाने के लिए नहीं सायकिल में कुछ खराबी न आ जाये और कॉपी ,पेन  लेने के लिए । दोपहर को जब कॉलेज ख़त्म होता था तो मै उस शहर के गाड़ी गरेग में काम करने के लिए जाता था । जंहा मुझे 10 रूपये प्रतिदिन देते थे ।

वंहा मै रोज 3 घंटे काम करता । शाम को थकेहारे घर आता । हर माह के 300 रुपया को अपने पास रखता । पुरे ईमानदारी के साथ में काम करता एक रुपया भी उनका नहीं खाया । हमेशा अपने पिता जी के सिखाये हुए बातो को याद करके काम करता ।

ऐसे 3 सालो तक मै उस गरेग में काम किया और उन्ही के दिए हुए पैसो से मैंने कॉलेज के तीन साल पूरा करने के बाद में अपने गांव में छोटा सा सायकिल स्टोर खोला , उसके बाद उसी पैसे से मोटरसायकिल रिपेयरिंग का भी दुकान खोला । मोटर सायकिल का रिपेरिंग का दुकान बहुत अच्छा चला तो उन्ही आमदनी के पैसो से मै 5 एकड़ खेत लिया । जब 3-4 साल बाद खेत पैसो से बड़े गांव में दुकान डाला ।
पाई
पाई को जोड़कर , खूनपसीना एक करके , 18-20 घंटे काम करके , न गर्मी देखि , न बरषाद हर दिन , शुबह शाम मेहनत करके , अपने मुँह में लातमारकर , भगवान और आपकी दुआ से आज मेरे पास है । ये सभी मेरे पिता जी के संस्कार के कारण हो सका है । कभी भी मैंने अपने पिता जी के बात को नहीं कांटा और न ही किसी भी चीज के लिए कभी जिद किया । मेरे पिता जी जो भी लाते थे उन्ही से मै खुश रहता था । वे ही मेरे लिए बहुत बड़ा था ।

और मेरी पत्नी है , बेटा है , बेटी के सामान के बहु है । मै नाती पोते वाला हो गया हु । और इसी संस्कार को मै अपने बेटे , बहु , पत्नी , अपने पोती को दे रहा हु । मै अपने परिवार से बहुत खुश हु ।

गरीब व्यक्ति ( वर्तमान में सजला साँवला लड़का के पिता जी ) अपने बातो को सुनाने के बाद में कहता है तुम क्या करते हो ?

बड़े व्यक्ति ( जो पहले कॉलेज बाइक से जाता था ) कहता है मै बैंक के लिए लोन रिकवर करने का काम करता हूँ । लेकिन मै इस नौकरी को काफी मसकत के बाद में पाया है ।

गरीब व्यक्ति ( वर्तमान में सजला साँवला लड़का के पिता जी ) – कैसे ?

बड़े व्यक्ति ( जो पहले कॉलेज बाइक से जाता था ) कहता है जब मै पहले कॉलेज में पड़ता था किसी भी चीज का वैल्यू नहीं करता था पैसो को पानी की तरह बहाता था । मेरे पिता जी में मुझे बचपन से कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दिया । पिता जी सरकारी जॉब में थे कभी पुराने कपडे पहनने नहीं देते थे । घर में जब भी कोई मेहमान आता था तो उसके हिसाब से हमेशा नए कपडे , नएनए जूते और कई सारे सामान नएनए ला देते थे । पिता जी के स्वर्गवास के बाद मेरा सबकुछ बदल गया । आज मै तुम्हारे बराबर भी नहीं हूँ ।

कॉलेज के दौरान मै पोस्ट ग्रैजुएशन करने के समय मेरे बहुत सारे दोस्त बने उन्होंने मुझे बहुत ज्यादा बिगाड़ दिया जिसका खामियाजा आज मै देख रखा हूँ । अपने पत्नी के जेवरात को बेचकर के मैंने ये छोटे से नौकरी कर रहा हूँ । मुझे शर्म आता है जब मै उनके सामने जाता हूँ तो । एक ग्लानि महसूस होता है ।

मुझे पछतावा होता है काश मुझे अपने पिता जी ने पहले मुझे नएनए कपडे , जूते, और सामान , खाली लोगो को दिखावा करने के लिए ये सब नहीं किया होता तो आज मेरी ये स्थिति नहीं हुई होती । आज मै शुकुन के रोटी तो ले पता ।

 inspirational Of The Story  –  दोस्तों ये छोटी सी  हमें कुछ बातें बताती है

पहला सिख Motivational Story In Hindi For Success कभी भी अपने बच्चे को जरुरत से ज्यादा लाढप्यार नहीं देना चाहिए क्योकि ज्यादा लाढ और प्यार मात्रा 2-3 साल के उम्र  तक ठीक रहता है । जैसेजैसे बच्चे के उम्र बढ़ते जाते है वैसेवैसे दिमाग भी बढ़ता जाता है । वही आपके लाढप्यार उसके आपका कमजोरी बन जाता है । वो जैसे कहता है वैसे ही आप उसके हिसाब से करते है । ये सिर्फ आपके प्यार के कारण ही हो सकता है ।

दूसरा शिख Real Life Inspirational Stories In Hindi हमें अपने बच्चो को बचपन से शिक्षा के रूप में संस्कार देने चाहिए । जो आगे हमारे बुढ़ापे में उसी संस्कार से हमें पाल् सके जो की इस Time Motivational Story In Hindi में गरीब घर के लड़के ने उनके माता पिता ने उन्हें बचपन से संस्कार देना शुरू कर दिए थे ।


दोस्तों ये छोटी सी Motivational Story For Students In Hindi आपको कैसे लगी । और आप इस Motivational Story In Hindi For Depression से क्या सीखा उसे भी कमेंट कर के बताये ।

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4 .  नौकरी नहीं मुझे जान प्यारी है

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी दिलचस्प Real Life Inspirational Stories In Hindi के बारे में बताने वाले । इस Motivational Story For Students In Hindi में कैसे एक व्यक्ति अपने नौकरी को दांव पर लगता है बिना पहवाह किये अपने नौकरी के तो चलिए आगे बढते है – 

ये Real Life Inspirational Stories In Hindi एक अमेरिका के एक पुलिस वाले के कहानी जो सच्ची घटना पर आधारित  है । ये पुलिस वाला अपने बेटी के साथ में रहती थी दोनों बड़े हंसी खुशी के साथ में रहती थी ।

पुलिस वाले का नौकरी तो आप सभी को पता है  कब क्या हो कए कुछ कहा नहीं जा सकता , न रात लगती है न दिन देखा जा , किसी भी समय नौकरी करने के लिए चले जाते है ।रोज की तरह अपने नौकरी करने के लिए जाते और सही समय में नौकरी करके आ जाते थे । ये उनका डेली का रूटीन था हलाकि कभी कभाल देरी हो जाती थी । 


एक दिन की बात है शुबह के आठ बज रहे थे । अचानक से उसे फ़ोन आता है । फ़ोन में दो भालुओ की घर में घुसने की खबर मिलती है । पुलिस वाले अपने नौकरी को देखते हुए तुरंत उस बताये गए जगह में पहुंच जाते है ।
पुलिस वाला दिया गया पते पे तुरंत पहुंच जाता है । पहुंच कर देखता है की वह घर एक जंगल के किनारे पर था । जंहा पर मात्र 10-15 घर ही थे । 

पुलिस वाला अंदर जाकर के देखता है तो वंहा दो छोटे-छोटे नही भालू के बच्चे बिल्डिंग के मकान में घुश गए थे । दोनों भालुओ के बच्चे बहुत ही ज्यादा डरे और भयभीत थे । वे दोनों जंगल से भटकर के घर के अन्दर घुश गए थे । 

थोड़े देर बाद में घर से फ़ोन लगाने वाले आता है और उन दोनों भालुओ के बच्चे को गोली चलाकर के ख़त्म करने के आदेश दे रहे थे लेकिन पुलिस वाले ने उन दोनों भालुओ के बच्चे को गोली नहीं मारते है । उन्हें बचने की पूरी कोशिश करते है । काफी मसकत करने के बाद में दोनों भालुओ के बच्चे को पकड़ लिया जाता है । 

दोनों भालुओ को पकड़ने तक मकान मालिक चिल्लाता रहा की उसे गोली से मार दो । 

दोनों भालुओ सुरक्षित पकड़ने के बाद में उसे जंगल में छोड़ देते है । 

दोनों भालुओ को छोड़ने के कुछ देर बाद उन्हें फ़ोन आता है । उस फ़ोन कॉल के बाद में उसके चेहरे में मायूसी छा जाता है । वह थोड़ा सा उदास हो जाता है ।

दोस्तों ये फ़ोन कॉल में उसके ये बताता है उसे उसके नौकरी से निकल दिया गया है बताया है जाता कारण बस इतना था की उसने घर वाले की बात नहीं मानी और उसने दोनों भालुओ के बच्चे को बचा लिया इसी कारण से उसे पुलिस की नौकरी से निकल दिया गया ।  

काफी लम्बे समय बाद में उसे कोर्ट में पेशी चलने के बाद  लोगो ने उसको नौकरी को बचाने के सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया । उसे  काफी लम्बे समय के बाद में कोर्ट ने अपने गलती सुधारते हुए उसे फिर से नौकरी दे देते है । 

 Inspirational OF Story दोस्तों ये  छोटी सी बात सीखा जाती है की जिंदगी में पैसे कभी भी कमाया जा सकता है लेकिन दोस्तों किसी की जिंदगी को चले जाने के बाद में फिर से नहीं बनाये जा सकता और जीवित भी नहीं किया जा सकता ।

इसलिए किसी भी जीव हो जाहे वह पशु हो , चाहे वह पक्षी हो , चाहे कोई भी जीव हो हमें उसकी रक्षा जरूर करना चाहिए । इस #Real Life Inspirational Stories In Hindi का मुख्य उदेस्य यही है । दोस्तों भगवान के घर देर है । हमेसा अच्छा करने वाले को ही परेशानी ज्यादा होती है लेकिन परेशानी बहुत कम समय के लिए होता है और और कुछ देर बाद चला जाता है । 


दोस्तों ये छोटी सी Motivational Story For Students In Hindi आपको कैसे लगी । और आप इस Motivational Story In Hindi For Depression से क्या सीखा उसे भी कमेंट कर के बताये ।

दोस्तों आपको इस True Motivational Stories In Hindi को अपने दोस्तों के पास में , रिलेशन के पास में , फैमली में ज्यादा से ज्यादा से मात्रा में इस Hindi Motivational Story For Students को जरूर शेयर करे । और आपने इस Motivational Story Hindi से आपने क्या सीखा इसे भी हमें  कमेंट कर के बताये ।


5 . दान कैसे करना चाहिए 

दोस्तों आज हम आपको #दान की महिमा , #दान कैसे करना चाहिए , #दान किसे करना चाहिए , #दान किस दिशा में करना चाहिए , #दान किसे करना चाहिए इस सभी बातो को बारे में एक Real Life Inspirational Stories In Hindi के मध्यान से बताने वाले है जिसे पढ़कर के आप #दान के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर लेंगे तो आइये पड़ते है  #दान की महिमा की True Motivational Stories In Hindi को

ये Time Motivational Story In Hindi एक राजा और उसकी पत्नी के बीच की कहानी है । राजा एक बड़े राज्य में राज करता था । उन्होंने अपने राज में कभी किसी भी किसी को झूठ नहीं बोला , कभी भी किसी सज्जन व्यक्ति से दुर्व्यवहार से बात नहीं की । उनके महल में आने वाले सदा सम्मान करते । आज तक उन्होंने कभी उन्होंने किसी को अपमानित नहीं किया था ।

राजा बड़ा दयालु , कृपालु और बड़ा ही चक्रवर्ती राजा था जो कभी भी किसी देसी और विदेशी राजा से पराजित नहीं हुआ था । राजा दयालु और कृपालु होने के कारण राज्य में हर तीन महीने में गरीब परिवार को सोने , चाँदी , धन दौलत , अन्न , वस्त्र आदि का #दान दिया करते थे ।

सभी राज्य के गरीब परिवार के रहने वाले राजा के बहुतखुश रहते थे । कभी भी उनके किसी ने उन्ही निंदा नहीं की थी सदा उन्हें आशीर्वाद ही देते थे ।

एक रात की बात है रानी और राजा खाना खाकर के सोने के लिए चले गए । देर रात को महरानी की अचानक से नींद खुल गयी । रानी उठकर के रानी बिस्तर से उठकर के सामने की और बरामदे की और गयी और उन्हें अपने ओछल आँखों से कुछ लोगो को देखी । फिर अच्छे से देखने की कोशिश करती है ।

रानी देखती है की वंहा कुछ मछुआरे ठण्ड से कपकपा रहे थे । ( ठण्ड का मौसम था सर्द हवाएं चल रही थी ) . रानी इसे देखकर के राजा को जगाता है और राजा से सारे बातें बतलाता है और रही कहती है मै इन मछुआरों को कम्बल #दान करना चाहता हु ।

राजारानी के बातो से सहमत नहीं थे तो राजा ने कहा मछुआरे #दान के सुपात्र नहीं है ।

रानी राजा के बातो को टाल न सकी और रात भर चिंता , फ़िक्र करते हुए सो गई ।

दूसरे रात को फिर राजारानी को नींद अचानक से खुल गयी उसने फिर उठकर के बरामदे से देखा तो उस दिन भी मछुआरे ठण्ड से कपकपा रहे थे । रानी ने #दान करने के उद्देश्य से राजा को बिना बातये मछुआरों को बिना जगाये उन्हें नींद में ही कम्बल उड़ा कर आ गयी किसी को पता तक चलने न दिया ।

कुछ दिन बीतने के बाद में ठण्ड के चले जाने के बाद में उन मछुआरों में #दान में दिए हुए कम्बल का ये सोचकर की अब ये कम्बल उनके काम का नहीं है उन सभी मछुआरों ने अपने कम्बल के धागो को निकाल करके , एक बड़ा सा , लम्बा जाल बनाया । उसी कम्बल के जाल से वे हर दिन हजारो की संख्या में मछलियों को पकड़ते थे । मछुआरों को उस कम्बल के जाल से मछली पकड़ते हुए 2-3 माह से अधिक हो गया वे उससे बहुत ही ज्यादा मछली पकड़ते और उन्हें मारकर उन्हें बेच देते  ।

अचानक एक दिन राजा के राज्य में किसी दूसरे राज्य के राजा आक्रमण कर देता है । राजा इस आक्रमण से पराजित होकर के अपने राजमहल से अपने पत्नी के साथ जान बचाकर के भाग जाते है और भागकर के एक घने जंगल में जाकर के चुप जाता है । राजा को उस जंगल में एक ऋषि मिलता है ।

राजा ऋषि के पास जाकर के उनके चरण छूकर , आशीर्वाद लेकर वंहा बैठा जाता है । अपनी परेशानी को पूछता है मान्यवर ऋषि आज तक मैंने किसी राजा के बारे में बुरा नहीं सोचा है , मैंने बहुत सारे #दान पुन्न किया , कभी मैंने झूठ नहीं बोला। आज तक मैंने किसी राजा से नहीं पराजित नहीं हुआ था तो आज कैसे मैं एक छोटे से राजा से पराजित होकर अपनी जान को बचाते हुए आया हु ।

ऋषि कहते है राजा जी आपने तो कभी झूठ नहीं बोला लेकिन आपके पत्नी आपसे झूठ बोला है ।

उसकी पत्नी कहती है मैंने क्या किया है ?

ऋषि कहता है सारा वृतांत सुनाते हुए कहता है आपने एक मछुआरे को छुपकर कर कम्बल #दान किया था जब ठण्ड चले गई तो उन्होंने उस कम्बल से जाल बनाया और रोज हजारो की संख्या में मछलियों को मारते ,उनकी हत्या करते ,इनका पाप राजा को लगता था । ये #दान तुमने चोरी करके दिया है भले ही वह आप रानी ही क्यों न हो बिना राजा के परमिसन से दिया है तो इसके पाप के कारण से तुम्हे आज पराजय मिला है । हार का सामना हुआ है ।

ऋषि महराज राजा को बतलाते हुए कहता है यदि #दान करना है तो किसी सुपात्र ( जो #दान के पात्र हो ) ये व्यक्ति को #दान करो । ऋषि कहते है यदि चोरी के पैसो से #दान करोगे तो ऐसा ही होगा । ऋषि महराज ने उन्हें अपने मेहनत की कमाई का अपने जेब से 1 रूपये निकाल कर के देता है ।

और कहता यदि यदि तुम परीक्षा लेना चाहो तो इस एक रुपया के परीक्षा ले लेना । ये मेरा मेहनत का कमाई का धन है ये ये हमेश पुण्य के ही काम में लगेगा ।

ऐसे कहते हुए ऋषि महराज उसे 1 रुपया देता है ।

राजा और रानी उसका आशीर्वाद लेकर के वंहा से निकाल पड़े । रास्ते में आतेआते उन्होंने एक पंडित को देखा की उनके हाथ में दो मरे हुए कबूतर थे । वे उस मरे हुए कबूतर को उठाकर ले जा रहे थे । राजा को ऋषि की बात याद( यदि परीक्षा लेकर के देखना है तो इस एक रुपया से ले सकते हो आ जाती है ।

राजा महराज पहले तो पंडित को देखकर घृणा करने लगे । राजा पंडित को बुलाकर उस एक रुपया के सिक्के को देता है । राजा उसका पीछा करने की सोचते है और पीछा करने लगता है ।

पंडित उस कबूतर को फेकर स्नान करता है और दिए हुए एक रुपया के सिक्के से दुकान से गेहू के दाने खरीद के लाते है । गेंहू के दाने को लेकर के घर में लेजाकर के रख देता है ।

राजा देखता है की जैसे ही उन्होंने गेहू के दाने को घर में ले जाकर के रखता है उसके पत्नी और उसके बेटे उस गेहू के दाने को उठाकर के कच्चे खा रहे थे ।

राजा देखकर बड़ा अचम्भित हो गया । राजा उनके पास गया और पूछा की तुम ये कच्चे के गेहू के दानो को क्यों खा रहे हो ?

इसे तुम पका कर के भी खा सकते थे और पका कर खा भी सकते थे ?

ब्राम्हण से राजा से कहा मैं तो धन्य हु आपके वजह से आज मैं गलत काम करने जा रहा था आपने दान देकर मुझे गलत काम करते हुए बचा लिया । आपके एक रूपये की #दान से मैं उस काम करने से बच गया । आगे कहते है मेरे पत्नी और मेरे बेटे 10 दिनों से कुछ नहीं खाये है इसलिए अपने पेट की , भूख की ज्वाला को काम करने के लिए बिना पकाये ही इस कच्चे गेहू को खा रहे है ।

 Mortal Of the Sort Story दोस्तों ये छोटी सी Motivational Story Hindi हमें बहुत बड़ी बातें सिखाती है की #दान कैसे करना चाहिए , जिन लोगो को #दान करना चाहिए , किन पैसो , कैसे पैसो से #दान करना चाहिए । #दान करने के फायदे और #दान करने के नुकसान भी बताया है । यदि हमें किसी को भी #दान करना है तो हमें अपने ईमानदारी से कमाए हुए पैसो को ही #दान करना चाहिए ।

कहा भी जाता है यदि जिंदगी में #दान करना ही है तो अपने ईमानदारी के साथ कमाए हुए धन का 10 प्रतिशत सुपात्र लोगो ( ऐसे लोग जो #दान लेने के योग्य हो ) ऐसे लोगो को #दान देना चाहिए चाहिए । हालांकि #दान देने के पीछे कैसे तर्कों और नियमो को देखकर भी #दान दिया जाता है । जिसका वर्णन शास्त्रों में दिया गया है । लेकिन कुछ #दान देने के बातें ये भी कुछ बातें short motivational story in hindi – 

  1. यदि किसी को #दान देना है तो बेटे के जन्म के बाद #दान देना चाहिए इसे पुण्य माना जाता है । 
  2. यदि किसी को #दान देना है तो अक्षय तृतीया के दिन के #दान को शुभ माना  जाता है । 
  3. उत्तरायण और दक्षिणायन को देखकर को भी #दान दिया जाता है ।

इन सभी को आप अच्छे से किसी ज्ञानी ऋषि या ज्ञानी साधु संत से या ज्ञानी पंडित से अच्छे से पूछकर , विचार विमर्श करके आप अपने इच्छानुसार #दान दे सकते है । 


दोस्तों ये छोटी सी Motivational Story For Students In Hindi आपको कैसे लगी । और आप इस Motivational Story In Hindi For Depression से क्या सीखा उसे भी कमेंट कर के बताये ।

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6 . #दुःख और #सुख कैसे मिलता है ?

दोस्तों आज हम आपको दुःख और सुख के बारे के बारे में एक short motivational story in hindi के माध्यम से बताने वाले है । ये Motivational Story For Students In Hindi बहुत ही छोटा है लेकिन अच्छा है । इस motivational stories books in hindi pdf को पढ़ने के बाद में आपको दुःख और #सुख के बारे में आपको #दुःख और #सुख के बारे में पता चल जायेगा । तो आइये पढ़ते है इस shortstory को  

एक बार एक महिला जिसकी एक छोटी सी बेटी ही थी । उनकी छोटी सी बेटी घर के बाहर आंगन में चारपांच छोटेछोटे अन्य बच्चो के साथ में खेल रही थी ।

महिला अपने बेटी और बच्ची और अन्य बच्चो की खेल को घर के दरवाजे से बैठ कर देख रही थी और बड़े मन ही मन खुश हो जाती है मुस्कुराने लगती है । महिला को उन बच्चो को खेलते हुए देखकर बहुत ही ज्यादा खुश हो गयी और सोचने लगी की इन बच्चो कुछ देने की सोचते है । महिला घर के अंदर जाती और घर से बाजार से लाये हुए तिल के लड्डू को उन सभी बच्चो को दे देती है ।

बच्चे तिल के लड्डू को पाकर बहुत खुश हो जाती है हो ज्यादा मस्त होकर के खेलने लगती है । तिल के लड्डू को देकर महिला घर के अंदर काम करने के लिए चली जाती है ।

अँधाएक घंटा बीतने के बाद में महिला फिर घर से निकल कर के बच्चो को देखने के लिए आती है । महिला देखती है उनके आंगन में खेल रहे सभी बच्चे बहुत ही ज्यादा बदमाशी कर रहे थे । महिला को लगा की उन बच्चो को जाकर के अच्छे से सुताई करे लेकिन महिला ने सिर्फ अपने बच्ची को जाकर के दो चमटे लगा दिया । सभी बच्चे उनकी तरफ देखने लगे , सभी बच्चे शांत हो गए , उनके बदमाशी करने रुख गए बल्कि उनकी बच्ची रोना शुरू कर दिया ।

 Short Of The Inspirational Story  दोस्तों ये छोटी सी शार्ट स्टोरी हमें सुख और दुःख के बारे में बाटे बताती है । दोस्तों इस में दुःख सुख की Real Life Inspirational Stories In Hindi में यदि महिला को भगवान है जिसमे उन्होंने छोटेछोटे सभी बच्चो को तिल का लड्डू खिलाकर उन्हें #सुख दिया है उन्हें खुश किया है अर्थात यंहा पर उन्हें #सुख दिया गया है । भगवान भी चाहता है की उनके बनाये सभी जीव सुख रहे , हंसी ख़ुशी के साथ में जिंदगी जिए ।

वैसे ही #दुःख के पात्र में की बेटी है । जब सभी उन्ही माँ उन्हें जब सभी बच्चियों को तिल के लड्डू दे रही थी तब उनकी उनकी बहुत ही ज्यादा लालच से तीनचार तिल के लड्डू पकड़े थी । इस कारण से उसकी माँ ने उनमे से किसी भी बच्ची को न डांटकर , अपने ही बेटी को दो चमाता लगाती है ।

ऐसे ही दोस्तों जब भी कोई व्यक्ति गलत काम करता है , घृणा करता है , दुसरो को हानि पहुंचते है , चोरी करते है , झूठ बोलते है गलत बोलता है  लालच करता , पाप करता है , दोष करता है तो भगवान उनका किसी न किसी समय उनके द्वारा किये गए गलत कामो का फल हमें  #दुःख के रूप में दिखाई देखे देता है । #दुःख का कोई समय नहीं होता ये किसी भी समय हमारे पास आ सकता है लेकिन दोस्तों आज तक #दुःख ज्यादा समय तक नहीं रहा है ।

#सुख और #दुःख जिंदगी में लगा रहता है । दोनों एक सिक्के के दो पहलु के सामान है । कब क्या हो जाये कुछ कहा नहीं सकता है इसलिए जिंदगी में दुसरो को खुशी देते चलिए , दुसरो के चेहरे में मुस्कान बाटते चलिए ऊपर वाला आपके चेहरे पर भी मुस्कान बाटते चलेगा , खुशी बाटते चलेगा ।


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7 . सफलता के बाद का दोस्त

ये  है बड़े से शहर की । जंहा एक छोटा सा लड़का जिसकी उम्र 10-11 साल की होगी । उनके परिवार के सभी लोग अच्छे थे । उसे घर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं था । बचपन से कम उम्र में उनकासपना था की वे सिंगर बने । सी के लिए वे रोज प्रैक्टिस भी करता था । कई लोगो से तालीम भी लेता था । सुर , राग, ताल सभी उनका अच्छा था । उनकी आवाज भी काफी अच्छा था । 

एक दिन उसके शहर में सिंगिंग के कम्पीटिशन हुआ । लड़का वंहा पर कम्पीटिशन देने के लिए चले गए । उस कॉम्पिटिशन में लड़का के आवाज ने पुरे में रातोरात छा गया । उनके आवाज को लोगो ने बहुत पसंद किया और लड़का उसमे प्रथम स्थान में आ गया ।  इसके बाद लड़का बहुत खुश था । उसके ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था , परिवार वाले भी बहुत ज्यादा खुश थे । ये पहला शुरुआत था ।

परिवार वालो के पुरे सपोर्ट था । उनके परिवार वालो को लगा की उनके बच्चे बड़े कॉम्पिटिशन के मंच में अपना प्रदर्शन कर । इसके बाद लड़का अपने शहर के आलावा दूसरे शहरों में भी कम्पीटिशन में भाग लिया । इसके बाद में टीवी में दिखे जाने वाले प्रोग्रामो में भी भाग लिया उस प्रोगाम में सबसे पहला स्थान में रहा ।

उसके बाद से उस लड़के ने कई सारे एल्बम में गाने भी गाए कई सारे कंपनी ने प्रमोसन भी किया । उसके पास पैसा ही पैसा था । पैसो की कोई कमी नहीं थी । उसने कम उम्र में ही #सफलता हासिल कर लिया था । इसके बाद परिवार वाले बहुत खुश थे लड़के भी बहुत खुश । लड़के और परिवार को लगने लगा था की अब तो लाइफ सेट है ।

इस सफलता honesty stories के बाद में , पैसे आने के बाद के कई सारे उनके नएनए दोस्त , परिचय बनने लगा , कई सारे लोग उनसे मिलने के आते थे , कई सारे लोगो से जुड़ने भी लगे ।

#सफलता के साल भर सब तक ठीक चल रहा था । उसके बाद लड़के के उसके नए-नए दोस्त छोटे पार्टी मानने के नाम से ले जाते थे । धीरे धीरे वही उसकी आदत में बढ़त गयी उसके बाद नशीली चीजों का सेवन करना शुरू कर देता है ।

साल भर बाद इन उनके आवाज में बदलाव होने लगता है । उम्र बढ़ने के साथ में उनकी आवाज सुरीली की जगह अब मोठे और भद्दे निकलने लगे । उनके दोस्त उन्हें पूरी तरीके से नशा में बरदाद कर चुके थे । उनके नशे के कारण उनकी आवाज ख़राब हो चूका था ।  जब उनके पैसे भी ख़त्म हो गए तो उनके गलत दोस्त भी नहे छोड़ के चले गये । लेकिन उन्हें पुरे तरीके से नशीले बना कर , उसके करियर को बर्बाद करके चले गये ।

 Mortal Of  The स्टोरी दोस्तों ये छोटी सी  हमें सीखा जाता है की #सफलता के बाद जितने भी नए नए दोस्त बनते है वे सिर्फ हमारे पैसे के लिए ही और हमारे #सफलता को देखकर के बनते है । #सफलता आने के बाद में हमें ये नहीं पता चल पता है कौन सही आचरण वाले है और कौन गलत संगत वाले । उसी प्रकार से इस कहानी में हुआ है ।

लड़का कम उम्र का था तो उसे पता नहीं चल पाया । वैसे ही दोस्तों हमें #सफलता मिलने के बाद अपने पुराने , पहले वाले दोस्तों , रिस्तेदारो को कभी नहीं भूलना चाहिए । जो हमारे कल भी साथ दिए थे , आज भी साथ देते है , और आने वाले दिनों में भी साथ देते रहेंगे ।दोस्तों संगति ही आपको #सफलता तक ले जाती है और संगती ही आपको असफलता तक ले जाती है । इसलिए दोस्तों सही लोगो के साथ में संगती करनी चाहिए और सही मार्गदर्शन लेना चाहिए ।


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8 .भगवान पर विश्वास कैसे होना चाहिए ?

ये है एक साधु महराज की है । जो भगवान पर बहुत ही ज्यादा विश्वास करते थे । भगवान का बहुत बड़ा भक्त था । साधु महराज लम्बे समय से सोच रहे थे काशी जाये । काशी में जाकर के गंगा की दर्शन , भगवान के मदिरो का दर्शन करे लेकिन जा नहीं पा रहे थे । वे भगवान के बहुत बड़ा भक्त था । और वे हमेशा कहता था यदि कोई काम नहीं हो रहा हो तो प्रतीक्षा जरूर करे । भगवान हमारे अधूरे काम को जरूर एक दिन पूरा करेगा , एक दिन जरूर पूरा होगा । उनकी इसी उपदेश ने उन्हें गुरु बना दिया था ।    

एक दिन उन्हें समय मिल गया और मन बनाकर साधु महराज अपने चार आज्ञाकारी शिष्यों के साथ में कांशी के दर्शन के लिए पैदल निकल गए । कुछ पैसे , कुछ सामान , और अपने कपडे , खाने के कुछ सामान के साथ में अपने शिष्यों के साथ में चले गए ।

उठतेबैठते रात में कंही विश्राम करते हुए 3 दिन में अपने शिष्यों के साथ में कांशी पहुंचे ।

जब वे कांशी पहुंचे तो शाम होने वाला था । उनके कुछ समय बाद घने काले बदल उमड़ गए । मानों स्वागत कर रहे हो । शाम को जब गंगा घाट में गंगा के दर्शन के लिए पहुंचे कुछ देर बाद देखते ही देखते बारिश होने लगी । साधु महराज गंगा घाट से वापस नहीं आ सके इतनी ज्यादा बारिश होने लगी ।

बारिश गिरतेगिरते रात के 10 बजे तक गिरते रहे । जब बारिश कम हुई तो साधु महराज चार शिष्यों के साथ रात में सामने के घर के पास आकर के रुक गए । उस समय रात के 10 बज चुके थे । 

दूर से पैदल यात्रा करके आने से साधु महराज और उनके शिष्यों के हाथपैर , शरीर में थकान होने लगा था और ऊपर से बारिश उसके थकान को और बढ़ा दिया था। साधु महराज अपने शिष्यों के साथ में उस घर के सामने विश्राम करने के रुक गए । रात में जब उनके शिष्यों को और साधु महराज को भूख लगने लगी । साधु महराज पैसे निकालने के लिए अपने पोटली को खोलते है तो उमसे मात्रा 8 रूपये था ।  8 रुपयों से पांच लोगो का भूख नहीं मिटाया जा सकता था । रात के11 बजे का समय था कोई दुकान भी खुला नहीं था ।

लेकिन कैसे भी करके साधु महराज आश्वाशन देते है की  कोई न कोई उनकी मदद जरूर करेगा , ऊपर वाले ने के यंहा देर है अंधेर नहीं ऊपर वाले के दुआ से हम यंहा गंगा के दर्शन करने के लिए आये है , ऊपर वाले हमारे आज के लिए कुछ न कुछ जरूर करेगा ।

साधु महराज के शिष्य बड़े आज्ञा कारी थे गुरु महराज के बातो को कभी न नहीं कहे थे और रात में पानी को पीकर के भगवान के नाम लेकर सो गए थे ।

रात के 11.30 बजने वाले थे साधु महराज के दो शिष्यों को नींद में थे और दो शिष्यों को नींद नहीं आ रहे थे । उनमे से एक शिष्य को बहुत ज्यादा भूख लगने लगी , उसको भूख से रहा नहीं गया वे साधु महराज के पास गए और कहने लगा आपने तो कहा था कोई न कोई तो हमारा मदद जरूर करेगा लेकिन रात का इतना समय हो गया अभी तक कोई मदद के लिए नहीं आये , और हमें भूख के कारण नींद भी नहीं आ रहे है ।

साधु महराज फिर समझाते हुए कहते है की हो सकता है की आज की भगवान की यही इच्छा है की उन्हें आज इस पानी को पीकर ही रात गुजारनी पड़े , और यही आज के लिए हो ।

साधु महराज के शिष्य बड़े ही आज्ञाकारी थे वो साधु महराज के बातो को सुनकर , भगवान का नाम लेकर के सो गए । 

कुछ मिनट बाद में में सामने वाले घर का दरवाजा खुलता है ।। दरवाजे से एक महिला निकलती है और साधु महराज को आवाज लगाते हुई कहती है आज हमारे घर में सत्य नारायण जी पूरा हुई है । हमारे परिवार में परम्परा है की कोई भी पूजा के बाद साधु महराज को पहले भोजन कराने का परम्परा है । बारिश के कारण किसी भी साधु महराज के दर्शन नहीं हुआ है तो आप हमारे घर थड़ा सा भोजन जरूर करे ।

साधु महराज को और ज्यादा भगवान पर और ज्यादा विश्वास हो गया । साधु महराज अपने शिष्यों के साथ में भगवान का नाम लेते हुए उनके घर भोजन ग्रहण करते है ।   

 MORTAL OF THE STORY-  ये छोटी सी जिंदगी की बड़ी बात सीखा जाती है । की दोस्तों हमें अपने आप पर पूरा विश्वास होना चाहिए । यदि किसी भी काम पूरा न हो रहा हो तो तो कुछ समय रुककर , उस काम को ठाड़े से समय देकर के अच्छे से और करने की कोशिश करने चाहिए , हमें कोशिश करने से कभी कमी नहीं करना चाहिए और एक बात की इस दुनिया में जितने भी लोग हुए वे कोशिश के से ही आगे बड़े है । तो दोस्तों हमें आप में बहुत ही ज्यादा भरोषा और विश्वाश होना चाहिए किसी भी काम को करने के लिए ।


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9 .ये कहानी उनके लिए जिन्हे बहुत ज्यादा गुस्सा आता है 

एक Time Motivational Story In Hindi से शहर में एक मकान मालिक और किरायेदार रहते थे । मकान मालिक के यंहा बहुत सारे लोग उनके यंहा पर कई सालो से किराये पर रहते थे । लेकिन उनमे से एक किरायेदार में एक बूढ़े व्यक्ति रहता था । बुड़ा व्यक्ति जो जॉब से रिटायर हो गया था । घर में उसका एक बेटा भी था जो अपने पत्नी और बच्चे सभी एक साथ रहते थे । उसे उस घर में रहते हुए 3 साल से ज्यादा हो गया था । उसने कभी भी किसी को परेशान नहीं किया और हमेशा अपना मकान के किराये को समय पर दे देता था ।

वंहा के मकान मालिक भी बड़े दयालु आदमी थे लेकिन कभीकभी लोगो पर बहुत ज्यादा गुस्सा कर लेते थे । अपने किरायेदारों से उन्हें किसी भी प्रकार के शिकायत नहीं थे ।

एक दिन उस बूढ़े व्यक्ति की तबियत ख़राब हो जाता है और उनका तबियत एक दिन नहीं , दो दिन नहीं , पुर महीने भर भी नहीं वे  एक लम्बे विश्राम में 7-8 माह तक उसकी बीमारी उसे ले कर चले जाते है । बीमारी के समय उसके दोस्तों , परिजन , उसके रिस्तेदार किसी न किसी प्रकार से उसकी सेवा करने के लिए आ जाते थे । आ जाते थे और उसकी मदद कर देते थे ।

इस बिच में उनके मकान मालिक उससे जितना हो सकता था उतना उसका मदद करने की कोशिश की । उसने उसके बीमार होने की स्थिति को देखकर उसने कभी भी उसके परिवार वालो के सामने मकान के किराये के पैसा के लिए नहीं कहा । लेकिन उस बूढ़े व्यक्ति के मन में हमेशा डर रहता था की कंही उसके मकान मालिक उसे घर से निकाल न दे ये डर उसके मन जब भी घर में आते थे ये तब उसे देखर लगता था ।

ये ही कम पैसो के साथ में परिवार चलता रहा । 8 महीने के बाद में बुड़ा व्यक्ति ठीक होने लगे थे थोड़े बहुत हलचल हो पाते थे लेकिन 10 महीने आते तक वह पुरे तरीके से स्वस्थ हो गया ।

एक दिन मकान मालिक उसके पास मकान किराये के लिए आते है लेकिन उसकी लम्बी समय तक तबियत और परिवार की आर्थिक स्थिति ख़राब होने के बाद के कारण उसने उसे पैसे नहीं दे पाए । उसके लड़के भी प्राइवेट जॉब करता था लेकिन उसके पैसे से सिर्फ घर का ही खर्चा चल पाता था ।

दूसरी बार फिर एक सफ्ताह बाद पैसे के लिए जाता है । दूसरे बार भी वह खाली हाथ जाता है । उसे तीसरे सफ्ताह बाद फिर पैसे के लिए जाता है लेकिन उसे इस बार भी पैसा नहीं मिलता और इस बार तो मकान मालिक बहुत ही ज्यादा गुस्सा हो जाता है उसके चेहरे में लालिमा दिखाई देने लगे थे ।

चौथी बार जब पैसे के लिए ये सोचकर के अब की पैसे नहीं देंगे तो मै इसे घर से बाहर निकाल दूंगा । बड़े गुस्से के साथ में पैसे के लिए जाता है जैसे वह  दरवाजा खटकता है । हर बार उसके बहु दरवाजा खोलते थे इस बार उसके बहु के स्थान पर स्वं बूढ़े आदमी दरवाजा को खोलते है । उस दिन उसके घर में कोई नहीं था ।

दरवाजा के सामने बूढ़े आदमी को देखकर गुस्सा में उसके हाथ को खींच देता है । बूढ़े आदमी के हाथ में रखे थैले और बूढ़े आदमी फिसलकर गिर जाता है । हाथ में रखे थैले हाथ से छूट जाता है । बूढ़ा आदमी के बेहोश हो जाता है । जब बूढ़े आदमी के पास जाता है तो उसके पास जाके देखता है तो उसके साँस उनकी आँखे बंद थे । उन्हें पहले लगा की बेहोश है । लेकिन जब से उसे लगा की उसके साँस नहीं चल रहे थे तो उसके होश उड़ गए ।

उसका गुस्सा वही दूर हो गया , उसकी चेहरे से गुस्से के लालिमा उड़ गए अब उसके स्थान में उसके चेहरे पर चिंता दिखाई देने लगा था । वे अपने हाथो को देख रहा और पछता रहा था की उसके ये क्या कर दिया । उसके साथ ये क्या हो गया । अपने आप को बहुत कोशने लगते है , क्या मै थोड़े अपने गुस्से को कम नहीं कर सका । जब वह थैले को उठाकर के देखता है तो उसमे बहुत सारे पैसे थे । उसे देखकर बड़े बाहुक हो जाता है । उसे अपने आप में बहुत ज्यादा हिन् होने लगता है और अपने आप से बहुत ज्यादा हर्ट करने  लगता है ।

दोस्तों बूढ़े आदमी इस बार अपने बैंक में डिपॉजिट पैसे को लेकर किराया देने के लिए लाये हुए थे ।

 Mortal Of The स्टोरी –   दोस्तों ये  हमें ये सीखा जाती है की हमें जिंदगी में कभी भी गुस्सा नहीं करना चाहिए और यदि गुस्सा आ भी जाये तो हमें उसे काम करके दबा करके रखना चाहिए । यदि किसी व्यक्ति को गुस्सा बहुत ज्यादा आता हो तो कंही शांत अकेले , जंहा किसी भी प्रकार के शोर शराबा से दूर , अच्छे  जगह में जाकर के ध्यान लगाकर के बैठ जाना चाहिए । लगाकर के नहीं बैठ सके तो अकेला शांत स्थान में चले जाना चाहिए । जिससे गुस्सा शांत हो सके ।

दूसरा सिख हमें दोस्तों लोगो की हमेशा अपने से जितना हो सके उतना किसी भी व्यक्ति का करना चाहिए । मदद किसी भी प्रकार के हो सकता है । कभी मदद करने से पीछे नहीं हटना चाहिए ।


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