You are currently viewing Naitik Shiksha Par Chhoti Kahaani || acche kahani
motivational story

Naitik Shiksha Par Chhoti Kahaani || acche kahani

1 . ये वो इंसान है जो आपके जिंदगी में सबसे बड़े रूकावट था || Naitik Shiksha Par Chhoti Kahaani

ये कहानी है एक ऑफिस की जहा पर बहुत सारे लोग काम करते है ।  हर रोज की तरह हर लोग आते अपने-अपने जगह पर बैठते और अपने-अपने काम में लग जाते । सभी एक समय में आते है और लंच के समय भी एक साथ खाना कहते और घर जाते । तो एक दिन की बात है सभी एम्प्लॉई के पास के पास एक कॉल आता है सभी को कहता है मिस्टर या मिस आपके जिंदगी में जो इंसान रूकावट बना हुआ था , जो आपके जिंदगी कांटा था , जिसके वजह से आप आगे नहीं बाद नहीं पा रहे थे ,

जिसके वजह से आपके वजह से प्रमोसन नहीं मिल पा रहा था , जो आपके जिंदगी में कांटा था जो आपको बार-बार आपको चुभता था आज उसकी डेथ ( मृत्यु ) हो चुकी है । जी है वो आज मर चूका है , अगर आप उससे मिलना चाहते हो, उसे आखरी बार देखना चाहते हो इस पते पर आ जाइये । सभी लोग पते को नोट करते है ।

अब सभी लोगो के मन दो तरह के सोच आ रहे थे।  पहली सोच तो बेचारा मर गया अच्छा नहीं हुआ, इसके पीछे उनका परिवार है वो क्या करेंगे । दूसरी सोच ये आ रही थी जो हुआ अच्छा हुआ मेरे जिंदगी में कांटा बना हुआ था । इसके वजह में मै जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पा रहा था , अब मैं कुछ कर दिखाऊंगा , अब मै कुछ आगे बढूंगा ।

सारे लोग मिलकर उस दिए गए पते पर जाते है । और जैसे ही उस दिए गए पते में जाते और देखते है ।  वंहा पर एक कफ़न रखा हुआ रहता है । उस कफ़न के पास सभी लोग एक-एक करके जाते है और कफ़न को उठाकर उस आदमी के चहरे को देख रहे थे । जैसे ही कफ़न को हटाकर उसके चहरे को देख रहे थे प्रत्येक लोगो  के सर शर्म से झुक रहा था और वो हैरान हो रहा था की ये इंसान मेरी जिंदगी में सबसे बड़ा रूकावट था ।


TOP 3 RJ Kartik Ki Kahaniyan कर दिखाओ कुछ ऐसा

9+सफल बनाने Motivational Story For Students In Hindi


दोस्तों जब कफ़न को उठाते थे तो शर्म के मारे इसलिए झुक जाता था की उस कफ़न में कोई इंसान नहीं था वह एक दर्पण ( आइना/ शिशा) रखा हुआ था । जिमसे की सभी लोगो को अपने ही शक्ल दिखाई दे रहे थे ।

Naitik Shiksha Par Chhoti Kahaani
Naitik Shiksha Par Chhoti Kahaani

ये छोटी सी कहानी हर किसी के साथ घटित होता है । ये कहानी कहती है हमारी जिंदगी में हम खुद ही एक रूकावट है और हमेशा दुसरो को ही दोषी देते रहते , दोषी ठहराते रहते है की मै कोई काम में सक्सेस नहीं हु , सफल नहीं हु , आगे नहीं बढ़ पा  रहा हु तो इसके कारण है, उसके कारण है हम हमेशा दुसरो को ही दोषी ठहराते रहते है ।

लेकिन बिलकुल ऐसा है ही नहीं है ये सब आपकी वजह से हुआ है , आपने ही मेहनत नहीं की , मेहनत से दूर भागते रहे , काम करने से हिचकते रहे । हम ये सारी चीजे नहीं देखते और दुसरो को दोषी ठहराते है ।

इस दुनिया में दो तरह के लोग होते है एक PURACTIVE दूसरा होता REACTIVE  ..

रिएक्टिव ऐसे लोगो को कहते है जो कोई भी काम को पूरा नहीं करता जैसे कोई स्टूडेंट यदि स्कूल में फैल हो जाये तो वह अपने माता पिता को दोषी ठहरने में लग जाता है । मेरे पापा ने ये नहीं किया , वो नहीं किया लेकिन कभी ये नहीं कहते की मै पढ़ाई नहीं , घूमता रहा ऐसे लोग हमेशा दुसरो पर दोष लगाते है ।

PURACTIVE  वे लोग होते ही है जो अपने जिंदगी में सफल हु, सक्सेस हु तो सिर्फ अपने बदौलत अपने मेहनत से मै सफल हु और मै जिंदगी में असफल हु , नाकामयाब हु , जो भी हु अच्छा हु , बुरा हु मै अपने वजह से हु ऐसे लोगो को  PURACTIVE व्यक्ति / लोग कहते है ।


2 Short Motivational Story Hindi कछुए और शेर की कहानी

TOP 3 RJ Kartik Ki Kahaniyan कर दिखाओ कुछ सा


 

Leave a Reply